Breast Cancer Symptoms Without Lump: आमतौर पर महिलाओं को लगता है कि ब्रेस्ट में गांठ होना ही स्तन कैंसर का सबसे बड़ा संकेत है. यही वजह है कि कई बार वे गांठ न होने पर ब्रेस्ट में होने वाले दूसरे लक्षणों नजरअंदाज कर देती हैं, लेकिन ऐसा करना सही नहीं है. स्तन कैंसर कई बार गांठ महसूस नहीं होती, फिर भी ब्रेस्ट की स्किन, शेप, निप्पल या रंग में बदलाव दिखाई दे सकते हैं. खासतौर पर इंफ्लेमेटरी ब्रेस्ट कैंसर में गांठ के बजाय सूजन, लालिमा और त्वचा में बदलाव जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं. अमेरिका के नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (NCI) के मुताबिक, इस तरह के कैंसर में अक्सर ऐसी गांठ नहीं बनती जिसे हाथ से महसूस किया जा सके. इसलिए महिलाओं के लिए ब्रेस्ट में होने वाले बदलावों को पहचानना और वक्त पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. इसका मतलब यह नहीं है कि हर बदलाव कैंसर का संकेत है, लेकिन लगातार बने रहने वाले लक्षणों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
ब्रेस्ट में गांठ न होने पर भी हो सकता है स्तन कैंसर?
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) और नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट और अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के मुताबिक स्तन कैंसर के लक्षण हर महिला में एक जैसे नहीं होते. कुछ महिलाओं में गांठ दिखाई देती है, जबकि कुछ में ब्रेस्ट की स्किन, निप्पल या शेप में बदलाव दिखाई देने लगता है. अगर आपको कोई ऐसा बदलाव नजर आए तो नजरअंदाज न करें और एक्सपर्ट से जरूर बात करें.
ब्रेस्ट की स्किन पर दिखने लगे गड्ढे दिखे तो क्या करें?
अगर ब्रेस्ट की स्किन पर अचानक गड्ढे पड़ने लगें या स्किन सिकुड़ी हुई नजर आए तो इसे नॉर्मल बदलाव समझकर नजरअंदाज न करें. स्किन में इस तरह का बदलाव होना कैंसर का संकेत हो सकता है. कभी-कभी स्किन संतरे के छिलके जैसी भी दिखाई देने लगती है. यह बदलाव तब हो सकता है, जब ब्रेस्ट की स्किन के नीचे सूजन आ जाती है. हालांकि, स्किन में ऐसे बदलाव कैंसर का संकेत हो सकता है.
ब्रेस्ट के शेप में अचानक बदलाव क्यों होता है?
महिलाओं के दोनों ब्रेस्ट का आकार थोड़ा अलग होना नॉर्मल है. पीरियड्स और हार्मोनल बदलावों की वजह से भी स्तनों के शेप में बदलाव हो सकता है, लेकिन अगर एक ब्रेस्ट का शेप अचानक बढ़ने लगे, उसमें सूजन दिखाई दे या वह दूसरे ब्रेस्ट से ज्यादा भारीपन महसूस हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के अनुसार, इंफ्लेमेटरी ब्रेस्ट कैंसर में ब्रेस्ट का शेप तेजी से बढ़ सकता है.
ब्रेस्ट की स्किन का लाल या गहरा होना
अगर ब्रेस्ट की स्किन पर लालिमा, बैंगनी रंग या चोट के निशान जैसे रंग दिखाई देने लगे तो सावधान हो जाएं. गहरे रंग की स्किन पर यह बदलाव हमेशा लाल रंग में नजर नहीं आता, बल्कि स्किन का रंग घेरा हो जाता है. इंफ्लेमेटरी ब्रेस्ट कैंसर में स्किन का रंग बदलना और सूजन होना इसके लक्षणों में शामिल है.
निप्पल का अंदर की ओर मुड़ना भी है एक लक्षण
अगर निप्पल पहले अचानक अंदर की ओर खिंचने लगा है तो इसका टेस्ट जरूर कराना चाहिए. इसे निप्पल रिट्रैक्शन (Nipple Retraction) कहा जाता है. हालांकि, कुछ महिलाओं के निप्पल जन्म से ही अंदर की ओर होते हैं, जो अपने आप में कैंसर का संकेत नहीं है.
निप्पल से डिस्चार्ज होना
प्रेगनेंसी में अगर निप्पल से डिस्चार्ज निकल रहा है तो ऐसा होना नॉर्मल है. अगर बिना किसी कारण ऐसा हो रहा है तो आपको टेस्ट जरूर कराना चाहिए. फिर भी अगर डिस्चार्ज नया है, एक ही ब्रेस्ट से हो रहा है या उसमें खून दिखाई देता है तो इसे नजरअंदाज न करें.
ब्रेस्ट में लगातार दर्द या जलन होना
आमतौर पर स्तन कैंसर का शुरुआती लक्षण दर्द नहीं होता. पीरियड्स से पहले हार्मोनल बदलाव, सिस्ट और दूसरी परेशानियों में भी ब्रेस्ट में दर्द हो सकता है. इसके बावजूद, अगर एक ही जगह लगातार दर्द हो, ब्रेस्ट में जलन, भारीपन महसूस हो या दर्द के साथ स्किन में बदलाव दिखाई दे तो डॉक्टर से जरूर बात करें.
क्या है इंफ्लेमेटरी ब्रेस्ट कैंसर?
इंफ्लेमेटरी ब्रेस्ट या स्तन कैंसर का ही हिस्सा है, जिसमें कैंसर की कोशिकाएं स्किन के सेल्स को इफेक्ट करती हैं, जिससे ब्रेस्ट में सूजन और स्किन में बदलाव दिखाई देते हैं. नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट का कहना है कि इस तरह के कैंसर में आमतौर पर हाथ से महसूस होने वाली गांठ नहीं बनती. इसके लक्षणों में ब्रेस्ट में तेजी से सूजन, स्किन का लाल या बैंगनी दिखना, संतरे के छिलके जैसी स्किन या निप्पल का अंदर की ओर मुड़ना शामिल हो सकते हैं. इसकी एक खास बात यह भी है कि इसके लक्षण कुछ ही हफ्तों में तेजी से सामने आ सकते हैं.
ब्रेस्ट में बदलाव दिखने पर क्या करें?
अगर ब्रेस्ट या निप्पल में कोई नया बदलाव दिखाई दे तो सबसे पहले डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लें. टेस्ट के दौरान डॉक्टर लक्षणों, मेडिकल हिस्ट्री और परिवार में कैंसर के इतिहास के बारे में पूछ सकते हैं. जरूरत पड़ने पर ब्रेस्ट का टेस्ट, डायग्नोस्टिक मैमोग्राम, अल्ट्रासाउंड या दूसरे टेस्ट के लिए कह सकते हैं.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.