COVID-19: जब देश में कोरोना संक्रमण की दर कम हो गई है। हालात काबू में दिख रहें हैं इस बीच बोस्टन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने नया COVID स्ट्रेन विकसित करने का दावा किया है। बोस्टन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने यह भी दावा किया है कि इसकी मृत्यु दर 80 फीसदी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इसी तरह के प्रयोग जो चीन में शुरू हुए थे बीते कुछ वर्षों में दुनिया भर में महामारी का कारण बने थे। अब फ्लोरिडा और बोस्टन के शोधकर्ताओं के एक समूह ने विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय उभरती संक्रामक रोग प्रयोगशालाओं में शोध किया है। विश्वविद्यालय के अनुसार विकसित किया या स्ट्रेन ओमाइक्रोन और वुहान के मूल वायरस का एक संयोजन है।
पीड़ित चूहों में से 80 फीसदी की मौत हो गई
इस स्ट्रेन को जब चूहों पर जांच किया गया तो पीड़ित चूहों में से 80 फीसदी की मौत हो गई। जांच रिपोर्ट के अनुसार एक बार ओमाइक्रोन एक्सपोजर के बाद चूहे में बहुत हल्के लक्षण दिखाई दिए। जब शोधकर्ताओं ने ओमिक्रॉन से स्पाइक प्रोटीन निकाला और इसे उस स्ट्रेन के साथ मिला दिया तो उन्होंने रिकॉर्ड किया कि संक्रमित चूहों ने हाइब्रिड स्ट्रेन कड़ी प्रतिक्रिया दी। बताया जाता है कि कुछ इस तरह के नतीजे शुरू में चीन के वुहान में महामारी की शुरुआत में खोजे गए थे।
ओमाइक्रोन हल्के संक्रमण का कारण
रिपोर्ट के अनुसार वैज्ञानिकों ने शोध में कहा, “… चूहों में ओमाइक्रोन हल्के, गैर-घातक संक्रमण का कारण बनता है। ओमाइक्रोन एस-वाहक वायरस 80 प्रतिशत की मृत्यु दर के साथ गंभीर बीमारी का कारण बनता है।” विशेषज्ञों के अनुसार, नए संस्करण में ओमाइक्रोन स्ट्रेन की तुलना में पांच गुना अधिक संक्रामक वायरस कण हैं। घातक कोविड वुहान के एक बाजार से उत्पन्न होने की बात मानी जाती है। जबकि कुछ से लोग सोचते हैं कि वायरस वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में बनाया गया था।
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वैज्ञानिक बोले, यह आगे से खेलने जैसा
बोस्टन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के इस शोध को एक्सपर्ट ने “आग से खेलने” जैसा कहा है और कड़ी आलोचना की है। डेली मेल की एक रिपोर्ट के अनुसार इजरायली सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक, प्रोफेसर शमूएल शापिरा ने जोर देकर कहा, “यह पूरी तरह से प्रतिबंधित होना चाहिए, यह आग से खेलने जैसा है। बता दें कि ओमाइक्रोन स्ट्रेन बहुत संक्रामक है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि स्पाइक प्रोटीन वायरस की संक्रामक दर को नियंत्रित करता है, जबकि वायरस में अन्य संरचनात्मक संशोधन इसकी समयबद्धता को प्रभावित करते हैं।
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