हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

नशे का यह कैसा खुमार! अपने ही खून का इंजेक्शन लगा रहे हैं युवा, सामने आए ब्लड किक के भयावह मामले

Blood Kick Horror: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हैरान कर देने वाले मामले सामने आ रहे हैं जहां नशे की लत में युवा अपने ही खून को शरीर में इंजेक्शन की मदद से डाल रहे हैं.

विज्ञापन
भोपाल के युवा नसों में इंजेक्ट कर रहे हैं अपना ही खून.

Blood Kick: भोपाल में एक नई और हैरान कर देने वाली लत देखने को मिल रही है जहां युवा नशे के लिए एल्कोहल, ड्रग्स या नार्कोटिक्स का नहीं बल्कि अपने ही खून का इस्तेमाल कर रहे हैं. गांधी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध हमीदिया अस्पताल में जनवरी से लेकर अब तक ऐसे कम से कम 5 मामले आ चुके हैं जिन्होंने सभी को हैरान कर दिया है. इसे ब्लड किक कहा जा रहा है जिसमें पुरुष अपने ही खून को निकालकर फ्रीज करते हैं और फिर इंजेक्शन की मदद से अपने ही शरीर में वापस इंजेक्ट करते हैं. यह इसलिए किया जा रहा है ताकि हाई (High) फील किया जा सके, नशा किया जा सके.

व्यवहार में दिखने लगे लक्षण

गांधी मेडिकल कॉलेज में ऐसे 5 मामले सामने आए जिनमें मरीजों की उम्र 18 से 25 वर्ष के बीच थी. सभी की कहानियों में एक ही पैटर्न देखने को मिला. माता-पिता ने सबसे पहले बच्चों के व्यवहार में बदलाव नोटिस किया, मूवमेंट धीमा पड़ने लगा और जब उन्हें टोका गया तो उनका व्यवहार हिंसक हो गया. जब इन्हें साइकाइट्रिक वॉर्ड या मनोरोग विभाग लाया गया तो जानने की कोशिशें की जाने लगीं कि ऐसे व्यवहार के पीछे क्या वजह हो सकती है.

अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, ये मरीज उस तरह के नशे करने वाले नहीं थे जैसे कि आमतौर पर देखे जाते हैं. इनमें से शराब की कोई बदबू नहीं आ रही थी और ना ही ड्रग्स का कोई संकेत दिखा. लेकिन, शरीर पर खुदसे लगाई गई सूंईयों के निशान थे.

विज्ञापन

सवाल-जवाब से पता चला कि इन युवाओं को लगा कि खुद का खून शरीर में इंजेक्ट करने पर इन्हें एकदम से एनर्जी फील होती थी, शरीर में एक अलग ही शांति और सेल्फ कंट्रोल महसूस होने लगता था.

कितना खतरनाक है खून का यह नशा

विज्ञापन

डॉक्टरों का कहना है कि जिसे यह युवा सुकून समझ रहे हैं वह एक तरह का साइकोलॉजिकल जाल है जिसमें वे फंसते चले जा रहे हैं. इसे व्यवहारिक लत कहते हैं. इसमें दिमाग को ऐसा लगता है कि शरीर से खून निकालकर वापस डालने पर जो सेनसेशन महसूस होती है वो एक तरह का इनाम है. लेकिन, यह खून के कारण नहीं बल्कि उस मूमेंट पर महसूस होने वाले रिलीफ से जुड़ा है. जबतक इस आदत के वॉर्निंग साइन शरीर में दिखते हैं तबतक व्यक्ति इस लत का शिकार हो चुका होता है

अपने ही खून को शरीर में इंजेक्ट करने पर खतरनाक इंफेक्शंस हो सकते हैं. इससे सेप्सीस, HIV, हेपेटाइटिस, नर्व डैमेज, ब्लड क्लोटिंग, अनीमिया और ओर्गन फेलियर तक हो सकता है. शरीर का नेचुरल सिस्टम कोलेप्स कर सकता है और व्यक्ति की मौके पर ही मौत भी हो सकती है. वहीं, खुद का खून निकालकर शरीर में डालना डिप्रेशन और सेल्फ हार्म करने की क्षमता की तरफ इशारा करता है और यह युवाओं की मदद के लिए गुहार हो सकती है.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें – बढ़े हुए प्रोस्टेट के 5 चेतावनी संकेत क्या हैं? पुरुषों को पेशाब में दिखें ये लक्षण तो हो जाएं सावधान

अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola