Ablutophobia Symptoms: सर्दियां आते ही कुछ लोग नहाने से आना-कानी करने लगते हैं। इस पर लोग यह मानते हैं कि शायद पानी ठंडा है, इसलिए लोग नहाने से कतराते हैं। नहाना हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, क्योंकि इससे शरीर की साफ-सफाई पर फोकस किया जाता है। बॉडी स्वच्छ और ताजगी से भरपूर रखने के लिए नहाते हैं। इसलिए, अगर हम सर्दियों में नहीं नहाएंगे, तो जल्दी बीमारियों के घेरे में आएंगे। क्या आप जानते हैं सर्दियों में न नहाना पानी से संबंधित बीमारी नहीं है, बल्कि एक मानसिक अवस्था है, जिसमें हम नहाने से दूर भागते हैं। यह एक प्रकार का फोबिया है, जिसे एब्लूटोफोबिया कहते हैं। आइए जानते हैं इस फोबिया के बारे में।
सर्दियों में नहाने से डर क्यों लगता है?
हालांकि, कभी-कभी ऐसा होना सामान्य हो सकता है लेकिन जिन लोगों को सिर्फ नहाने से डर या एंग्जाइटी महसूस होती है, वे मानसिक रूप से बीमार होते हैं। इन्हें अपने इस रवैये और संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि सर्दियों में या किसी भी मौसम में न नहाने से आपका शरीर संक्रमण और बैक्टीरिया के घेरे में आ सकता है, जो आपको बीमार कर सकता है।

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एब्लूटोफोबिया क्या है?
एब्लूटोफोबिया एक मानसिक बीमारी है, जिसमें इंसान को साफ-सफाई, नहाने या पानी से अत्यधिक डर या घृणा महसूस होती है। यह एक प्रकार का फोबिया है, जो किसी एक चीज़ या स्थिति से होने वाले असामन्य डर को दिखाती है। इस फोबिया के कारण लोगों को अपने तन की सफाई या स्नान करने से मानसिक परेशानी होती है। ऐसे लोग इसे टालने या उससे बचने के लिए तरह-तरह की कोशिशें करते हैं।
एब्लूटोफोबिया के संकेत
- गंदगी में रहना पसंद होना।
- नहाने से दूर रहना।
- लम्बे समय तक साफ-सफाई में न रहने की आदत।
- सफाई जरूरी है, यह जानने के बाद भी न नहाना।
- पानी देखकर दिल की धड़कनों का तेज होना या पसीना आना।
एब्लूटोफोबिया के कारण
- बचपन के कुछ खराब एक्सपीरियंस, अक्सर बचपन में कुछ लोगों के साथ नहाने वाला एक खराब अनुभव जुड़ जाता है, जो बड़े होने के बाद भी परेशान कर सकता है।
- डिप्रेशन, एंग्जाइटी, तनाव या OCD की बीमारी से पीड़ित लोगों को भी नहाने की यह समस्या हो सकती है।
- कुछ लोगों को बचपन से ही ऐसा वातावरण मिलता है, जिसमें वे साफ-सफाई से बचते हैं या खुद साफ न रहने जैसी आदतों को अपना लेते हैं।
क्या है इस बीमारी का इलाज?
नहाने वाले इस फोबिया से छुटकारा पाने के लिए डॉक्टरी सलाह ली जाती है। उसमें थेरेपी, काउंसलिंग समेत लाइफस्टाइल में चेंज के साथ-साथ मेडिटेशन और योग करने को कहा जाता है।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।