घर में रखें ये 7 मेडिकल डिवाइस, हर हेल्थ इमरजेंसी की लिए तैयार रहेंगे आप

ऐसे कुछ मेडिकल डिवाइस हैं जिन्हें डॉक्टर की सलाह से घर पर रखा जाए तो व्यक्ति खुद को मेडिकल इमरजेंसी के लिए बेहतर तरह से तैयार रख पाता है. यहां जानिए कौन-कौन से हैं ये डिवाइस.

Medical Device

मेडिकल इमरजैंसी में काम आते हैं ये डिवाइस. AI Generated Image

Medical Emergency Device: सेहत कब बिगड़ जाए इसका अंदाजा किसी को भी नहीं होता है. खासतौर से अगर व्यक्ति को पहले से किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत हो या कोई बीमारी हो तो खुद को हर स्थिति के लिए तैयार रखना जरूरी होता है. ऐसे में यहां उन 7 मेडिकल डिवाइस के बारे में बताया जा रहा है जो व्यक्ति को इमरजेंसी के लिए तैयार रखते हैं, हेल्थ को बेहतर तरह से मॉनीटर करते हैं और आसानी से इस्तेमाल किए जा सकते हैं. डॉक्टर की सलाह से आप भी इन मेडिकल डिवाइस को घर पर रख सकते हैं.

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घर में रखे जा सकते हैं ये 7 मेडिकल डिवाइस

ब्लड प्रेशर मॉनीटर

घर में ब्लड प्रेशर मॉनीटर रखकर कभी भी ब्लड प्रेशर चेक किया जा सकता है. इससे अगर व्यक्ति का ब्लड प्रेशर बेवक्त कभी कम या ज्यादा हो जाता है तो तुरंत पता चल जाता है. इसीलए घर में ओटोमेटेड अपर आर्म मॉनीटर रखना, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें दिल संबंधी दिक्कतें हैं, बेहद फायदेमंद साबित होता है.

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ग्लूकोमीटर

घर में ग्लूकोमीटर भी रखा जा सकता है. ग्लूकोमीटर डायबिटीज के मरीजों के लिए इस डिवाइस को घर में रखना जरूरी है. कई बार लोगों को ब्लड शुगर लेवल कम या ज्यादा नजर आता है लेकिन वे तबतक डॉक्टर के पास नहीं जाते जबतक लक्षण बहुत ज्यादा बढ़ नहीं जाते. ऐसे में ग्लूकोमीटर रखने पर कभी भी ब्लड शुगर लेवल्स की जांच हो सकती है.

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थर्मामीटर

घर में रखने के लिए सबसे आम और जरूरी मेडिकल डिवाइस है थर्मामीटर. घर में डिजिटल थर्मामीट जरूर रखना चाहिए. इससे आसानी से घर पर ही शरीर के तापमान की जांच होती है और वक्त-वक्त पर हेल्थ को मॉनीटर किया जा सकता है. एवरेज बॉडी टेम्प्रेचर 98.6 डिग्री फेरेनहाइट होता है या थोड़ा ऊपर नीचे हो सकती है, लेकिन अगर रीडिंग 104 डिग्री फेरेनहाइट से ज्यादा हो तो इसका मतलब है कि व्यक्ति को बुखार है.

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पल्स ऑक्सीमीटर

पल्स ऑक्सीमीटर उंगली पर लगाने वाला एक छोटा सा डिवाइस है. यह डिवाइस शरीर के ब्लड ऑक्सीजन सेचुरेशन की जांच करके बताता है और पल्स रेट की जानकारी देता है.

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स्मार्टवॉच या पॉर्टेबल ECG

कुछ स्मार्टवॉच और पॉर्टेबल ECG डिवाइस सिंगल लीड ईसीजी की जांच करता है जिससे डॉक्टर से शेयर किया जा सकता है. यह मॉनीटरिंग और स्क्रीनिंग में काम आ सकता है. लेकिन, अगर सांस लेने में दिक्कत हो या सीने में दर्द होने लगे और ईसीजी की रीडिंग नॉर्मल आए तब भी डॉक्टर से जांच करानी चाहिए.

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नेबुलाइजर

नेबुलाइजर लिक्विड दवा को भाप बनाकर व्यक्ति को सांस के जरिए शरीर में लेने में मदद करता है. अस्थमा या सीओपीडी के मरीजों के लिए यह खासकर फायदेमंद होता है. डॉक्टर की सलाह से इसे घर पर रखा जा सकता है.

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ऑक्सीजन कॉन्सनट्रेटर या सिलेंडर

दिल की बीमारी या फेफड़ों की बीमारी से दो-चार हो रहे लोगों को अपनी घर में ऑक्सीजन कॉन्सनट्रेटर या ऑक्सीजन सिलेंडर रखना चाहिए. ऑक्सीजन कॉन्सनट्रेटर कमरे की हवा से ऑक्सीजन खींचता है और इसे रिफिल करने की जरूरत नहीं होती है. ऑक्सीजन सिलेंडर में लिमिटेड ऑक्सीजन सप्लाई होती है और इसे रिफिल करना पड़ता है. लेकिन, इस तरह से ऑक्सीजन का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए.

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इस बात का रखें ध्यान

इनमें से कुछ मेडिकल डिवाइस ऐसे हैं जो जरूरी हैं लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के इन्हें घर पर रखने पर भी फायदा नहीं होता है. डॉक्टर मशीन के इस्तेमाल और जरूरत के बारे में बेहतर तरह से गाइड करते हैं. ऐसे में इमरजैंसी के समय ये मेडिकल डिवाइस बेहद काम आते हैं.

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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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