Imli Seeds Benefits: आजकल की बदलती लाइफस्टाइल और गलत खान-पान की वजह से अर्थराइटिस यानी गठिया की बीमारी लोगों में तेजी से बढ़ रही है। इसके लक्षणों में जोड़ों का दर्द, अकड़न और सूजन शामिल हैं। हालांकि, लोग दवाइयों के साथ-साथ घरेलू उपायों की मदद से भी इसका इलाज करते हैं। मगर क्या इमली के बीजों को खाने से भी हड्डियों का स्वास्थ्य सही रह सकता है? सोशल मीडिया पर इमली के बीज से अर्थराइटिस का इलाज होने की बाते काफी वायरल हो रही है। आइए जानते हैं इस पर एक्सपर्ट की राय।

---खबर नीचे जारी है---

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

हरियाणा, फरीदाबाद के प्रसिद्ध आर्थोपेडिक डॉक्टर मुकेश गर्ग बताते हैं कि इमली में कैल्शियम, फॉसफोरस, पोटेशियम समेत कई महत्वपूर्ण मिनरल्स पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूती दे सकते हैं। इमली के बीज विटामिन-सी का भी सोर्स होते हैं। मगर किसी भी रोगी को पूर्णता बीमारी के इलाज के लिए इमली के बीज के सहारे नहीं रहना चाहिए। इस बीज को तरीके से और सीमित मात्रा में खाने से हड्डियों और जोड़ों को फायदा देते हैं और इससे अर्थराइटिस के खतरे को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।

---खबर नीचे जारी है---

ये भी पढ़ें-6-6-6 वॉकिंग रूटीन क्या है? कैसे ये तरीका रखेगा फिट जानिए एक्सपर्ट से

---खबर नीचे जारी है---

कैसे करते हैं असर?

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इमली के बीज का सेवन करने से शरीर में सूजन कम हो सकती है। गठिया के मरीजों में जोड़ों की सूजन और जकड़न जैसी समस्या आम होती है। ऐसे में इमली के बीज का पाउडर पानी के साथ लेने से या फिर इसे भिगोकर उसके पानी को पीने से राहत मिल सकती है। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण हड्डियों और टिश्यू को डैमेज होने से भी बचाते हैं।

---खबर नीचे जारी है---

कितनी मात्रा में खाएं?

  • रोजाना एक से दो चम्मच इमली के बीज का पाउडर खाना पर्याप्त माना जाता है।
  • इसे सीधे खाने की बजाय गुनगुने पानी के साथ मिलाकर लेना फायदेमंद होता है। इसके बीजों को पानी में भिगोकर रखने से और फिर पीना भी सही तरीका है।
  • जरूरत से ज्यादा इमली के बीजों का पानी पीने से पेट खराब या एसिडिटी जैसी समस्या हो सकती है।

ये भी पढ़ें- कोरोना के बाद भारतीयों में बढ़ी विटामिन बी-12 की कमी? सप्लीमेंट की बिक्री बढ़ी, क्या है वजह?

---खबर नीचे जारी है---