Archana Puran Singh Rare Condition: अपनी हंसी से सभी को हंसा देने वाली अर्चना पूरन सिंह पिछले एक साल से एक दुर्लभ बीमारी से गुजर रही हैं. यह एक ऐसी कंडीशन है जिसमें होने वाले दर्द को फीजियोथैरेपी से भी वे कम नहीं किया जा सकता है. असल में हुआ यह कि 2025 में ‘विक्की और विद्या का वो वाला वीडियो’ फिल्म की शूटिंग के दौरान अर्चना को कलाई पर चोट लगी थी. आम चोट समझकर अर्चना ने फीजियोथेरैपी करवाई लेकिन दर्द नहीं गया. दर्द बढ़ता गया और ठीक नहीं हुआ तो आगे जांच के बाद पता चला कि अर्चना को एक रेयर कंडीशन हुई है जिसे CRPS कहते हैं. यहां जानिए क्या है यह दुर्लभ बीमारी.
अर्चना पूरन सिंह को हुई बीमारी CRPS क्या है
द लांसेट, 2023 में पब्लिश्ड स्टडी के अनुसार, कॉम्प्लेक्स रीजनल पेन सिंड्रोम (Complex Regional Pain Syndrome) एक ऐसी कंडीशन है जिसमें सेंट्रल नर्वस सिस्टम सेन्टिसाइज्ड होने लगता है. इसमें शरीर का इंटर्नल अलार्म सिस्टम टूट जाता है जिससे हल्का सा छूने पर भी शरीर में ओवररिक्शन होने लगता है. यह सिर्फ दिमाग में नहीं होता बल्कि इसमें फिजिकली व्यक्ति प्रभावित होता है और जो नसें दर्द, तापमान और ब्लड फ्लो को कंट्रोल करती हैं, ठीक तरह से काम नहीं कर पातीं.
स्टडी बताती है कि CRPS शरीर में शॉर्ट सर्किट की तरह काम करता है. यह सिर्फ हड्डी टूटने के बारे में नहीं है बल्कि उस हड्डी के आस-पास की नसें किस तरह इस ट्रॉमा के प्रति रिएक्ट करती हैं, इसके बारे में भी है.
इसे सुसाइड डिजीज भी कहते हैं
CRPS को अक्सर सुसाइड डिजीज (Suicide Disease) भी कहा जाता है क्योंकि इसमें होने वाले दर्द को जन्म देने के समय होने वाले दर्द या शरीर का अंग कटने पर होने वाले दर्द से भी ज्यादा आंका गया है.
CRPS के लक्षण कैसे दिखते हैं
- सिर्फ दर्द होना ही CRPS के लक्षणों में शामिल नहीं है बल्कि इसमें अंग का रंग बदल सकता है, त्वचा बैंगनी, लाल या धब्बेदार नजर आ सकती है.
- कभी ऐसा महसूस होता है कि त्वचा पर कुछ जल रहा है तो कभी बर्फ सी ठंडक फील होती है.
- स्किन इतनी सेंसिटिव हो जाती है कि कपड़े उतारते हुए भी लगता है कि कपड़े शरीर पर चुभ रहे हैं.
- इस कंडीशन में ऐसा लग सकता है कि जिस हिस्से में दर्द है वह भारी हो गया है या अकड़ गया है और शरीर का हिस्सा नहीं है.
क्या CRPS का कोई इलाज है
अर्चना पूरन सिंह जिस कंडीशन से गुजर रही हैं, यानी CRPS, लाइलाज है. अबतक इसका कोई इलाज नहीं है लेकिन इसका वक्त रहते पता लगाया जा सके तो इसे मैनेज किया जा सकता है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.