Anxiety Symptoms: टीन एज यानी उम्र का वह पड़ाव जब बच्चा अपने जीवन में कई बदलावों को देखता और महसूस करता है। इसे हम किशोरावस्था भी कहते हैं। यह उम्र बच्चों के लिए ऐसी उम्र है जहां उन्हें स्ट्रेस और टेंशन की समस्या भी होती है। कई रिपोर्ट्स इस बात का खुलासा करती हैं कि एंग्जाइटी की समस्या Teenagers में भी बढ़ने लगी है। चिंता से ग्रस्त किशोरों में इसके बढ़ने के कारण मोबाइल फोन का इस्तेमाल है, बढ़ता हुआ कॉम्पिटेटिव नेचर है और कई बातों का डर भी है। इसके लिए डॉक्टर्स कहते हैं कि माता-पिता को हमे अपने इस उम्र के बच्चों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए और कुछ संकेतों पर भी गौर करना चाहिए।
इन 5 संकेतों को समझें पेरेंट्स
1. अत्यधिक चिंता- अगर आपके बच्चे हर छोटी-बड़ी बात पर अत्यधिक चिंता और तनाव महसूस कर रहे हैं, तो यह सही नहीं है। इनमें परीक्षा के रिजल्ट, दोस्ती में तनाव या फ्यूचर की चिंता जैसी चीजें शामिल हैं। ये सभी एंग्जाइटी के संकेत हो सकते हैं।
2. शारीरिक समस्याएं- एंग्जाइटी अक्सर शारीरिक लक्षणों के रूप में भी प्रकट होती है, जैसे कि बच्चों को हमेशा सिरदर्द, पेट दर्द, थकान या नींद की समस्या होना। यदि ये लक्षण बार-बार दिखाई दें, तो यह एंग्जाइटी का साइन है।
3. समाज से दूर भागना- चिंता से पीड़ित किशोरों को अक्सर नेगेटिव इमेज या फिर इंबैरेसमेंट के डर के कारण सामाजिक मेलजोल से बचने की आदत होती है। कई बार बच्चे किसी कॉम्पिटिशन में हारने के बाद स्कूल या फिर लोगों के बीच जाने से बचते हैं।
4. पर्सनालिटी में बदलाव- अगर बच्चा अचानक से अपने दोस्तों और परिवार से दूर होने लगता है, तो वह अपनी भावनाओं को छुपाते हैं और सोशल लाइफ में रहने से कतराने लगते हैं, तो यह एक मेंटल डिसऑर्डर है। इसे भी एंग्जाइटी का संकेत कहते हैं।
5. अचानक गुस्सा या चिड़चिड़ापन आना- टीनएजर्स में अचानक गुस्सा, चिड़चिड़ापन, या छोटी-छोटी बातों पर रिएक्ट करने की आदतें चिंता के लक्षण होते हैं। यह उनके दिमाग की सोच और नकारात्मकता को भी दर्शाता है।
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