- विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, कैंसर शरीर के किसी भी अंग या टिशू में शुरू हो सकता है, जिसमें असामान्य कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ती हैं.
- नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट (NCI) के अनुसार, शराब पीने से कैंसर का खतरा बढ़ सकता है, क्योंकि यह शरीर में हानिकारक केमिकल बनाता है और कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है.
- शराब के सेवन से मुंह, गले, वॉयस बॉक्स, ग्रासनली, लिवर, स्तन, बड़ी आंत और मलाशय के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.
- 2024 में फेफड़ों का कैंसर 18.6 लाख मौतों के साथ दुनिया में सबसे ज्यादा मौतों का कारण बना, इसके बाद कोलन और मलाशय का कैंसर (9.18 लाख) और लिवर का कैंसर (7.32 लाख) रहा.
कैंसर का नाम सुनकर ही दिल में एक तरह का डर बैठ जाता है और तरह-तरह के दृश्य दिमाग में चलते रहते हैं. ये बीमारी इतनी खतरनाक है कि हर साल बड़ी संख्या में लोगों की इलाज की कमी के कारण मौत हो जाती है. इस बीमारी की सबसे खतरनाक बात ये है कि जब ये किसी व्यक्ति के शरीर में पनपने लगती है, तो व्यक्ति को पता ही नहीं, चलता है कि वह इस बीमारी का शिकार हो गया है क्योंकि इसके लक्षण दिखाई ही नहीं देते हैं. लेकिन जब कैंसर के लक्षण दिखाई देने लगते हैं, तब तक स्थिति बिगड़ चुकी होती है और व्यक्ति की हालत इतनी खराब हो चुकी होती है कि उसकी मौत हो जाती है. ये बात तो आप जानते ही होंगे शराब का सेवन सेहत के लिए हानिकारक होता है, जो कैंसर का एक बड़ा कारण भी है, लेकिन सवाल उठता है कि शराब के सेवन से व्यक्ति किस-किस कैंसर का शिकार हो सकता है? आइए इस स्टोरी में जानते हैं पार्टी व जश्न के नाम पर पी जाने वाली शराब किस तरह के कैंसर का शिकार बना सकती है?
कैंसर शरीर को कैसे अपना गुलाम बनाता है?
WHO के मुताबिक, कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जो शरीर के लगभग किसी भी अंग या टिशू में शुरू हो सकती है. इसमें शरीर की कुछ असामान्य कोशिकाएं कंट्रोल से बाहर होकर अनियमित तरीके से बढ़ने लगती हैं और आसपास के स्वस्थ टिश्यू को नुकसान पहुंचा सकती हैं. कई बार ये कोशिकाएं (Cells) शरीर के दूसरे अंगों तक भी फैल जाती हैं, जिससे बीमारी का खतरा बढ़ता जाता है. आपको बता दें कि कैंसर शरीर के किसी भी अंग में पनप सकता है, ज्यादातर मामलों में लोगों की मौत फेफड़ों के कैंसर, स्तन कैंसर, कोलन-मलाशय कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, त्वचा का कैंसर, पेट का कैंसर, और लिवर कैंसर से होती है. कैंसर को लेकर कहा जाता है कि ये खानपान, आदतों और जेनेटिक्स से जुड़ा हुआ है.
शराब से शरीर बन जाता है कैंसर का शिकार
NCI के अनुसार, शराब पीने से कैंसर होने का खतरा बढ़ सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन की कैंसर एजेंसी (IARC) ने शराब को कैंसर पैदा करने वाले पदार्थों की कैटेगरी में रखा है. कई वैज्ञानिक शोध के अनुसार, शराब का सेवन करने से शरीर के कई अंगों पर कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. शराब में मौजूद तत्व शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे कैंसर होने की खतरा बढ़ जाता है. इसलिए शराब को सिर्फ लिवर के लिए नुकसानदायक मानना सही नहीं है, बल्कि इसका असर शरीर के कई अंगों पर पड़ सकता है.
अगर आप सोचते हैं कि सिर्फ ज्यादा शराब पीने से ही कैंसर का खतरा बढ़ता है, तो इसके लेकर NIC बताती है कि ज्यादा मात्रा में शराब का सेवन कई तरह के कैंसर के खतरे को बढ़ाता है, वहीं कम मात्रा में शराब का सेवन करने से भी कुछ तरह के कैंसर का खतरा बढ़ता है. इसलिए मात्रा के हिसाब से तय करना की कैंसर होगा कि नहीं, ये बात गलत हो जाती है, कुल मिलाकर शराब का सेवन कैंसर का खतरा बढ़ता है. अगर आप अपनी सेहत को बेहतर बनाए रखना चाहते हैं, तो शराब से दूरी बनाना एक अच्छा कदम हो सकता है.
2024 में दुनिया में सबसे ज्यादा मौतों का कारण बने 5 कैंसर
| क्रम संख्या |
कैंसर का प्रकार |
मौतें (2024) |
| 1 |
फेफड़ों का कैंसर |
18.6 लाख |
| 2 |
कोलन और मलाशय का कैंसर |
9.18 लाख |
| 3 |
लिवर का कैंसर |
7.32 लाख |
| 4 |
ब्रेस्ट कैंसर |
6.94 लाख |
| 5 |
पेट का कैंसर |
6.42 लाख |
स्रोत: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), वैश्विक कैंसर आंकड़े 2024।
शराब कैसे शरीर में कैंसर का खतरा बढ़ाती है?
National Cancer Institute (NCI) के अनुसार, शराब पीने से कैंसर का खतरा क्यों बढ़ता है इसके कई कारण हो सकते हैं. शोधकर्ता के अनुसार;
- शरीर में हानिकारक केमिकल का बनना: शरीर शराब को तोड़ता है, तो एसीटैल्डिहाइड (Acetaldehyde) नाम का जहरीला केमिकल बनता है. यह DNA और प्रोटीन को नुकसान पहुंचा सकता है और कैंसर का खतरा बढ़ा सकता है.
- कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाना: शराब के मेटाबॉलिज्म के दौरान रिएक्टिव ऑक्सीजन स्पीशीज (Reactive oxygen species) बन सकती हैं, जो शरीर की कोशिकाओं, DNA, प्रोटीन और फैट को नुकसान पहुंचा सकती हैं.
- पोषक तत्वों की कमी: शराब शरीर में विटामिन A, B समूह, C, D और E, फोलेट और कैरोटिनॉयड जैसे पोषक तत्वों के अवशोषण (Absorption) और इस्तेमाल को प्रभावित कर सकती है. ये पोषक तत्व शरीर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं.
- शराब का सेवन मुंह और गले में असर करती है, जिससे कैंसर खतरा बढ़ता है.
- एस्ट्रोजन हार्मोन का बढ़ना: शराब पीने से शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है. एस्ट्रोजन का स्तर बढ़ना ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को बढ़ाता है.
- DNA पर असर: शराब फोलेट के अवशोषण और वन-कार्बन मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकती है. इससे DNA को नुकसान पहुंचाने और कैंसर का खतरा बढ़ सकता है.
शराब का सेवन किस तरह के कैंसर का खतरा बढ़ता है?
- ग्रासनली (स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा)
- बड़ी आंत और मलाशय का कैंसर
शराब का सेवन बंद करने से क्या रुक सकता है कैंसर का खतरा?
NIC के अनुसार, शराब छोड़ने से कैंसर का खतरा कम करने में मदद मिल सकती है. कई शोध के अनुसार, शराब का सेवन बंद करने से मुंह और खाने की नली के कैंसर का जोखिम कम हो सकता है. इसके अलावा, गले, ब्रेस्ट और कोलन-रेक्टम (बड़ी आंत और मलाशय) के कैंसर का खतरा भी कम होने की संभावना रहती है.
हालांकि, शराब छोड़ने के बाद कैंसर का जोखिम उन लोगों के स्तर तक आने में कई साल लग सकते हैं, जिन्होंने कभी शराब नहीं पी. इसलिए शराब छोड़ने में देर करना सही नहीं है. आप जितनी जल्दी शराब छोड़ने का फैसला लेते हैं, उतना ही आपकी जिंदगी के लिए ये बेहतर होगा. इसके अलावा शराब छोड़ने के साथ-साथ डॉक्टर से वक्त-वक्त पर जांच और सलाह और साथ ही अच्छी डाइट भी का पालन करें.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.