Eye Twitching: आंख का फड़कना एक आम समस्या है, जिसका अनुभव लगभग हर व्यक्ति को कभी न कभी होता है. अधिकांश मामलों में यह स्थिति अस्थायी और हानिरहित होती है, लेकिन कई बार यह शरीर में मौजूद किसी हेल्दी समस्या का संकेत भी हो सकती है. इसलिए आंख फड़कने को हमेशा नजरअंदाज करना ठीक नहीं है, खासकर तब जब यह लंबे समय तक बना रहे या बार-बार होने लगे. इसको लेकर एक्सपर्ट डॉक्टर पुरेंद्र भसीन (सर्जन संस्थापक एवं निदेशक, रतन ज्योति नेत्रालय) का कहना है कि आंखों की देखभाल करना जरूरी है. अगर ध्यान ना दिया जाए तो परेशानी हो सकती है. 

आंखें फड़कने का क्या है कारण? 

आंख फड़कने का सबसे नॉर्मल कारण थकान, तनाव और पर्याप्त नींद की कमी है. आज की डिजिटल जीवनशैली में लोग लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप और अन्य स्क्रीन का उपयोग करते हैं, जिससे आंखों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. इसके अलावा, अत्यधिक कैफीन का सेवन, मानसिक तनाव और आंखों का सूखापन भी आंख की मांसपेशियों में संकुचन पैदा कर सकते हैं, जिससे पलक फड़कने लगती है.

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शरीर की किस कमी का है संकेत? 

कई बार आंख फड़कना पोषण संबंधी कमियों से भी जुड़ा हो सकता है. शरीर में मैग्नीशियम जैसे खनिजों की कमी मांसपेशियों के सामान्य कार्य को प्रभावित कर सकती है और इसके कारण आंखों की मांसपेशियां बार-बार फड़क सकती हैं. कुछ लोगों में एलर्जी या आंखों में जलन भी इस समस्या को बढ़ा सकती है. 

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किस बीमारी के है लक्षण? 

हालांकि, कई मामलों में यह कोई गंभीर समस्या नहीं होती, लेकिन अगर आंख का फड़कना कई सप्ताह तक लगातार बना रहे, आंख पूरी तरह बंद होने लगे, चेहरे के अन्य हिस्सों में भी झटके महसूस हों या इसके साथ धुंधला दिखना, दर्द या लालिमा जैसी शिकायतें हों, तो यह किसी न्यूरोलॉजिकल या आंखें संबंधी बीमारी का संकेत हो सकता है. दुर्लभ मामलों में यह ब्लेफेरोस्पाज्म, हेमीफेशियल स्पाज्म या तंत्रिका तंत्र से जुड़ी अन्य समस्याओं से भी संबंधित हो सकता है. 

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आंख फड़कने की समस्या है तो क्या करें? 

आंख फड़कने की समस्या को कम करने के लिए पर्याप्त नींद लेना, तनाव को नियंत्रित करना, स्क्रीन टाइम सीमित करना और संतुलित आहार अपनाना जरूरी है. आंखों को नियमित आराम देना और पानी पीना भी मददगार साबित हो सकता है. अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहे या इसके साथ अन्य लक्षण दिखाई दें तो आंखों के विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है. 

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कब डॉक्टर के पास जाना चाहिए? 

आंख फड़कना अक्सर थकान, तनाव या जीवनशैली से जुड़ा एक सामान्य लक्षण होता है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में यह किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है. इसलिए इसके कारणों को समझना और जरूरत पड़ने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना आंखों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है. 

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