Aalta On Feets Benefits: महिलाएं पैरों की शोभा बढ़ाने और उनकी खूबसूरती को चार चांद लगाने के लिए उस पर आलता लगाती हैं। आलता हिंदू परंपरा का एक अहम हिस्सा है, जो विवाहित महिलाओं के 16 श्रृंगार का भी हिस्सा होता है। हालांकि, कुंवारी कन्याएं भी इसे लगाती हैं। पुराने समय में भारत में साज-सजा के लिए महिलाओं के पास आलता ही हुआ करता था जिससे वे हाथों में भी लगाती थी और नारियल तेल या घी के साथ मिलाकर होंठों पर भी लगाती थी। डॉक्टर मनीषा मिश्रा बताती हैं कि आलता सिर्फ ब्यूटी नहीं बल्कि हेल्थ के लिए भी फायदेमंद होता है। जानें कैसे।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
डॉक्टर मनीषा मिश्रा कहती हैं कि आलता लाख नामक तत्व से बनता है, जो पेड़ों से मिलता है। इसलिए, यह एक प्राकृतिक ब्यूटी प्रोडक्ट है। अगर आलता शुद्ध और असली है, तो यह कई गुणों से भरा होता है।
पैर में आलता लगाने के फायदे
1. मानसिक शांति
आलता लगाने से महिलाओं का मेंटल पीस मेंटेन रहता है। इसे लगाने से आंतरिक शांति मिलती है और स्ट्रेस लेवल को भी कम करता है। आलता लगाने से दिमाग ठंडा रहता है, जिससे गुस्सा भी कम आता है।
अगर महिला के पैरों की एड़ियां फट रही हैं, तो उसे अपने तलवों में आलता लगाना चाहिए। इससे उनके पैर मुलायम होते हैं और पैर सुंदर नजर आते हैं। साथ ही, पैरों के फटने से जो खुजली होती है, वह भी दूर होती है।
कुछ महिलाओं को पैरों की सूजन की परेशानी रहती है। इस समस्या से राहत पाने के लिए भी आलता लगाना फायदेमंद होता है। जिन्हें पैरों में जलन या झनझनी होती है, उन्हें भी आलता लगाना चाहिए।
4. पैरों की हड्डियों को लाभ
आलता लगाने से पैरों और पंजों की हड्डियों को मजबूती भी मिलती है, जो कि आजकल महिलाओं में एक आम समस्या होती है।
आलता में एंटीफंगल प्रॉपर्टीज होती हैं, जो पैरों में बदबू और इन्फेक्शन की समस्या को दूर करती हैं। आलता लगाने से पैरों में कोई संक्रमण भी नहीं होता है।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।