Spine Health: रीढ़ की हड्डी शरीर का वो ढांचा है जिसकी मदद से हम सीधे खड़े हो पाते हैं और झुककर बैठते हैं. रीढ़ छोटी-छोटी हड्डियों से मिलकर बनी होती है और गर्दन से कमर तक लंबी होती है. आमतौर पर रीढ़ की हड्डी को दुरुस्त रखने के लिए एक्सरसाइज की जाती है या फिर जीवनशैली की अच्छी-बुरी आदतों के बारे में बात होती है. लेकिन, खानपान की भी ऐसी कई चीजें हैं जो रीढ़ की हड्डी (Spine) को नुकसान पहुंचा सकती हैं और ये वो चीजें हैं जो आमतौर पर हमारी खाने की थाली में होती ही हैं. इसी बारे में बताते हुए न्यूरोस्पाइन सर्जन डॉ. अरुण तुंगारिया ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया है जिसमें डॉक्टर उन फूड्स का जिक्र कर रहे हैं जिन्हें खाने की थाली से हटा देना चाहिए नहीं तो रीढ़ की हड्डी को नुकसान हो सकता है और कमर का दर्द भी बढ़ता है. आप भी जानिए कौनसे हैं ये फूड्स.
रीढ़ की हड्डी को नुकसान पहुंचाते हैं ये फूड्स | Worst Foods For Spine Health
मिठाई या चीनी
डॉक्टर का कहना है कि मीठी चीजें ज्यादा खाई जाएं तो इससे हड्डियां और डिस्क कमजोर होने लगती हैं.
अगर नमक को जरूरत से ज्यादा खाया जाए तो यह शरीर से कैल्शियम को सोखता है. कैल्शियम की कमी से हड्डियां कमजोर (Weak Bones) हो जाती हैं. ऐसे में चाहे नमक वाली नमकीन हो या फिर गुजिया, इनका सेवन कम करना चाहिए.
मैदा को किसी भी फॉर्म में खाया जाए या जैसे वाइट ब्रेड खाई जाए तो इससे शरीर में सूजन बढ़ती है और कमरदर्द के साथ-साथ स्पाइन डिसओर्डर बढ़ते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि मैदा में कैल्शियम कम और सूजन को बढ़ाने वाली चीजें ज्यादा होती हैं.
कचौड़ी-समोसे जैसी बहुत ज्यादा तली हुई चीजें शरीर का वजन भी बढ़ाती हैं और सूजन भी. ये फूड्स रीढ़ की सेहत के लिए बिल्कुल भी अच्छी नहीं हैं.
प्रोसेस्ड मीट या लाल मांस
रीढ़ की हड्डी के लिए डॉक्टर प्रोसेस्ड मीट और लाल मांस को भी नुकसानदायक बता रहे हैं. इनमें मौजूद प्रीजर्वेटिव्स और सैचुरेटेड फैट्स स्पाइनल डिस्क हेल्थ के लिए खतरनाक होती हैं.
रीढ़ में दिक्कतों के लक्षण
रीढ़ की हड्डी में दिक्कत होने लगती है तो शरीर पर अलग-अलग तरह के लक्षण (Spine Problems Symptoms) नजर आने लगते हैं.
- उठने-बैठने में दिक्कत होती है.
- कमर के निचले हिस्से में दर्द होना रीढ़ की दिक्कतों की तरफ इशारा हो सकता है.
- रीढ़ की हड्डी में हुई दिक्कत के कारण हाथों पर भी प्रभाव पड़ता है और बटन लगाने या जिप बंद करने जैसे कामों में भी दिक्कत होने लगती है.
- चलने में दिक्कत आती है और बैलेंस बिगड़ जाता है सो अलग.
- एक कंधा दूसरे कंधे से ज्यादा उठा हुआ नजर आ सकता है. ऐसा रीढ़ की हड्डी की अलाइनमेंट चेंज होने के चलते हो सकता है.
- गर्दन सुन्न महसूस होने लगती है और दर्द रहता है.
- हाथ-पैरों में कमजोरी महसूस होती है और झनझनाहट सी लगती है.
अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.