Kuki Organization Demand Separate Administration: मणिपुर में 3 मई से भड़की जातीय हिंसा के बीच एक नया अपडेट सामने आया है। कुकी समुदाय के सबसे बड़े संगठन इंडीजेनस ट्राइबल लीडर फोरम ने केंद्र सरकार को अलग सरकार बनाने की धमकी दी है। संगठन से सरकार से कहा कि उन्हें अलग प्रशासन नहीं दिया गया तो वे दो सप्ताह बाद चुराचांदपुर, कांगपोकपी और टैंगनाउपोल जिलों में एक जैसा प्रशासन बना लेंगे। इन जिलों में मणिपुर सरकार का आदेश नहीं चलेगा। बता दें कि एक दिन पहले ने ही संगठन ने चुराचांदपुर में बड़ी रैली निकाली थी।
कानूनी कार्रवाई करेंगे - मणिपुर सरकार
संगठन के जनरल सेक्रेटरी मुआन टोम्बिंग ने कहा कि बीरेन सिंह सरकार में 2 केबिनेट मंत्री समेत 10 विधायक कुकी हैं। इनमें से 8 भाजपा के हैं। हमारा शासन भारत के संविधान के तहत ही चलेगा। सीएम भी हमारे समुदाय से ही होगा। इस बीच बीरेन सिंह सरकार ने कहा कि जल्द ही कुकी संगठन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
टोम्बिंग ने बताया कि हम इंफाल से कोई राजनीतिक संबंध नहीं रखना चाहते हैं। अगस्त में हमने गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में अलग मुख्य सचिव और डीजीपी की मांग की थी। मामले में वार्ताकार एके मिश्रा ने बताया कि मणिपुर में कुल 32 कुकी विद्रोही समूह हैं। इनमें से सभी संगठन अलग प्रशासन की मांग कर रहे हैं। अब इसके लिए केंद्र की मंजूरी का इंतजार है।
यह है पूरा मामला
बता दें कि मणिपुर मेें 3 मई से मैतेई और कुकी समुदाय के बीच आरक्षण की मांग को लेकर जातीय संघर्ष चल रहा है। यह जातीय संघर्ष हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद हुआ जिसमें कोर्ट ने मैतेई को एसटी का दर्जा देने का आदेश दिया था। इसके बाद शुरू हुई जातीय हिंसा में अब तक 187 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं अब तक 1100 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। गौरतलब है राजनीतिक रूप से मैतेई समुदाय अधिक ताकतवर है। मणिपुर की कुल आबादी में से 53 फीसदी मैतेई है और 40 फीसदी कुकी है। कुकी प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में रहते हैं वहीं मैतेई इंफाल घाटी में रहते हैं।