Jharkhand Floor Test : झारखंड में अभी भी राजनीतिक संकट खत्म नहीं हुआ है। चंपई सोरेन ने भले ही सीएम पद की शपथ ले ली है, लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती फ्लोर टेस्ट है। इंडिया गठबंधन के कुछ विधायक हैदराबाद भी शिफ्ट किए गए हैं, लेकिन बहुमत का आंकड़ा पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। क्या हेमंत सोरेन भी फ्लोर टेस्ट में शामिल होंगे? इसे लेकर अदालत ने अपना फैसला सुनाया है।
पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को शुक्रवार को एक दिन में डबल झटका लगा था, लेकिन आज उनको कोर्ट से राहत मिली है। उन्होंने अदालत में फ्लोर टेस्ट में शामिल होने को लेकर याचिका दाखिल की थी, जिस पर आदेश सुनाया गया है। पीएमएलए कोर्ट रांची ने शनिवार को झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन को फ्लोर टेस्ट में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी है।
ईडी की हिरासत में हैं हेमंत सोरेन
जमीन घोटाले मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 31 जनवरी को हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। एक दिन के बाद पीएमएलए कोर्ट ने शुक्रवार को आदेश सुनाते हुए पूर्व सीएम को 5 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया। दूसरी तरफ चंपई सोरेन ने राजभवन में सीएम पद की शपथ ग्रहण की।
5 फरवरी को होगा फ्लोर टेस्ट
अब चंपई सोरेन को 5 फरवरी को बहुमत साबित करना है। इसके लिए हैदराबाद में इंडिया गठबंधन के 36 विधायक शिफ्ट किए गए हैं और कुछ विधायक झारखंड में ही रुके हैं। बताया जा रहा है कि महागठबंधन के कुछ विधायक नाराज हैं। ऐसे में बहुमत का आंकड़ा पूरा कराने के लिए हेमंत सोरेन भी आएंगे और चंपई सोरेन की सरकार को बचाएंगे।