नई दिल्ली: मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को प्रथम अखिल भारतीय जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण बैठक के उद्घाटन सत्र में मंच साझा किया। इस कार्यक्रम में जस्टिस उदय यू ललित और डी वाई चंद्रचूड़, कानून मंत्री किरेन रिजू भी मौजूद थे।
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि न्याय की आसानी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितना कि व्यापार करने में आसानी और जीवनयापन में आसानी। उन्होंने आगे कहा कि ई-कोर्ट मिशन के तहत देश में वर्चुअल कोर्ट शुरू किए जा रहे हैं। यातायात उल्लंघन जैसे अपराधों के लिए चौबीस घंटे अदालतों ने काम करना शुरू कर दिया है। लोगों की सुविधा के लिए अदालतों में वीडियो कांफ्रेंसिंग के बुनियादी ढांचे का भी विस्तार किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में जस्टिस उदय यू ललित और डी वाई चंद्रचूड़, कानून मंत्री किरेन रिजिजू अन्य मौजूद थे। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने कहा, “ज्यादातर लोग जागरूकता और कानूनी सहायता की कमी के कारण खामोश रहते हैं… न्याय तक पहुंच सामाजिक मुक्ति का एक साधन है। अगर आज हम न्याय के साथ लोगों के दरवाजे तक पहुंचने में सक्षम हैं, तो हमें योग्य न्यायाधीशों, उत्साही अधिवक्ताओं और सरकारों को धन्यवाद देना होगा।”
संबंधित खबरें
दिवाली पर इन 5 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा, पढ़ें आज का राशिफल
15 mins agoन्यूजीलैंड ए के खिलाफ शतक से चूके साई सुदर्शन और ध्रुव जुरेल
18 mins agoवनवास से राम जी वापसी पर मनाते है दिवाली, फिर लक्ष्मी-गणेश की पूजा क्यों?
32 mins agoदिवाली पर करें लक्ष्मी-गणेश जी की पूजा, जानिए पूजा विधि और शुभ मुहूर्त
1 hr agoआज दिवाली पूजा के लिए किन चीजों की होगी जरूरत, यहां देखें सामग्री लिस्ट
2 hrs agoरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जवानों के साथ मनाया दिवाली का जश्न
8 hrs agoपोलैंड के क्राको में अंधाधुंध फायरिंग में 5 की मौत, कई घायल
10 hrs agoअचानक बिगड़ी सुपरस्टार अमिताभ बच्चन की तबीयत, बीच में रोकना पड़ा KBC का शूट
11 hrs agoकेरल को 'जंतर-मंतर' बनाने CJP के प्रोटेस्ट में पहुंचे अभिजीत दीपके
12 hrs ago'इस बार भी वीर जवानों के साथ...', दिवाली पर PM मोदी का संदेश
14 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines