हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Nana PatekarGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

अमेरिका-ईरान-इजरायल युद्ध में चीन की ‘खामोश चाल’! पर्दे के पीछे क्या प्लान बना रहा है बीजिंग?

मध्य पूर्व में चल रहे अमेरिका-ईरान-इजराइल युद्ध के बीच चीन खुलकर किसी पक्ष में नहीं दिख रहा, लेकिन उसकी ‘साइलेंट डिप्लोमेसी’ को प्रभावित कर रही है. आखिर चीन क्या चाहता है?

विज्ञापन
Credit: Social Media

मिडिल ईस्ट में अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव अब ग्लोबल लेवल पर चिंता का विषय बन चुका है. इस युद्ध में जहां एक ओर अमेरिका और इजरायल खुलकर सैन्य कार्रवाई कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर चीन एक अलग रणनीति अपनाता नजर आ रहा है. भारत की पूर्व विदेश सचिव निरुपमा राव ने इस पूरे घटनाक्रम को चीन की ‘साइलेंट डिप्लोमेसी’ बताया है. उनके मुताबिक, चीन अपनी चुप्पी की आड़ में वैश्विक कूटनीति का नया गेम प्लान बना रहा है. निरुपमा राव के मुताबिक, चीन की रणनीति केवल तटस्थ दिखने तक सीमित नहीं है. वह इस मौके का फायदा उठाकर अपना दायरा लगातार बढ़ा रहा है.

ये भी पढ़ें: ‘होर्मुज स्ट्रेट खोलो, वरना…’, ट्रंप ने फिर दी ईरान को धमकी – उड़ा देंगे तेल के कुएं और खार्ग द्वीप

निरुपमा राव ने क्या कहा?

न‍िरुपमा राव ने एक्‍स पर ल‍िखा, चीन काफी धैर्य द‍िखाता है. वो अंतरराष्ट्रीय विवादों में खुद को किसी भी तरह की इमोशनली इंगेज नहीं करता, उससे दूरी बनाकर रखता है. जहां बाकी देश आक्रामक बयानों और सैन्य तनाव में उलझे हुए हैं, वहीं चीन बिना कोई शोर मचाए ठंडे दिमाग से अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों पर काम कर रहा है. विशेषज्ञों के मुताबिक, चीन इस संघर्ष में सीधे सैन्य हस्तक्षेप से बच रहा है, लेकिन कूटनीतिक स्तर पर लगातार एक्टिव है. वो शांति वार्ता की अपील कर रहा है और सभी पक्षों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की बात कह रहा है. दरअसल, चीन की रणनीति संतुलन बनाए रखने की है. उसके ईरान के साथ मजबूत आर्थिक और ऊर्जा संबंध हैं, वहीं वो खाड़ी देशों और बाकी पश्चिमी शक्तियों के साथ भी रिश्ते खराब नहीं करना चाहता. ऐसे में वो खुलकर किसी एक पक्ष का समर्थन करने से बच रहा है.

विज्ञापन

‘चीन गेम खेल रहा है’

निरुपमा राव के मुताबिक, चीन ‘लॉन्ग गेम’ खेल रहा है. वो अभी सीधे टकराव से बचते हुए खुद को एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में पेश करना चाहता है. यही वजह है कि वो शांति की अपील करता है, लेकिन पर्दे के पीछे अपने फायदों को भी सुरक्षित रखता है. इस पूरे सीन में चीन की भूमिका बेहद अहम हो जाती है. वो ना तो पूरी तरह तटस्थ है और न ही खुलकर किसी पक्ष में. विश्लेषकों का मानना है कि चीन इस युद्ध को एक अवसर के रूप में भी देख रहा है. अमेरिका इस समय मध्य पूर्व में उलझा हुआ है, जिससे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में उसका ध्यान कमजोर पड़ सकता है. इससे चीन को अपनी रणनीतिक स्थिति मजबूत करने का मौका मिल सकता है. हालांकि, चीन के लिए यह स्थिति पूरी तरह फायदेमंद भी नहीं है. अगर युद्ध लंबा खिंचता है और तेल आपूर्ति प्रभावित होती है, तो इसका सीधा असर चीन की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा, क्योंकि वह बड़े पैमाने पर खाड़ी क्षेत्र से तेल आयात करता है.

ये भी पढ़ें: पांच चरणों में होगा ईरान का अंत? ट्रंप का ‘ऑपरेशन 5G’ मचाएगा समंदर से जमीन तक खलबली!

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola