Ghaziabad News: गाजियाबाद नगर निगम ने शहर और उसके आसपास की कॉलोनियों की कायाकल्प करने के लिए कमर कस ली है. अधिकारियों ने शहर के बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए 33 अलग-अलग निर्माण कार्यों को मंजूरी दी है, जिस पर 6.42 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि खर्च की जाएगी. इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य शहर के उन इलाकों में विकास पहुंचाना है जो लंबे समय से उपेक्षित थे. जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) ने इन सभी कार्यों के लिए टेंडर की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी है, जिससे स्थानीय निवासियों में बेहतर सुविधाओं की उम्मीद जग गई है.

जलभराव और खराब सड़कों से मिलेगी राहत

नगर निगम के इस बड़े कदम से उन क्षेत्रों को सबसे ज्यादा फायदा होगा जहां जलभराव और जर्जर सड़कों की समस्या एक नासूर बन चुकी है. डूडा के प्रभारी और अपर नगर आयुक्त अवनीन्द्र सिंह ने स्पष्ट किया है कि जिन इलाकों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं, उन्हें प्राथमिकता पर रखा गया है. इन परियोजनाओं के तहत आधुनिक नालियों का निर्माण किया जाएगा ताकि बारिश के दिनों में पानी सड़कों पर न जमा हो. इसके साथ ही खराब हो चुकी गलियों में इंटरलॉकिंग टाइल्स वाली सड़कें बनाई जाएंगी, जिससे न केवल धूल-मिट्टी से राहत मिलेगी बल्कि पैदल चलने वालों और वाहन चालकों का सफर भी सुगम होगा.

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इन प्रमुख कॉलोनियों में शुरू होगा काम

इस योजना का दायरा काफी बड़ा है और इसमें गाजियाबाद के कई महत्वपूर्ण इलाके शामिल किए गए हैं. नई गढ़ी, करहैड़ा, कृष्णा विहार, सुदामापुरी, अकबरपुर बहरामपुर, संदीप गार्डन, कृष्णा नगर बागू और भीम नगर जैसे क्षेत्रों में जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने वाला है. इसके अलावा लोनी के विकास नगर, न्यू विकास नगर, वर्धमानपुरम और बंजारा कॉलोनी की कई तंग गलियों की सूरत भी बदली जाएगी. मोदीनगर और नगर पालिका खोड़ा की कॉलोनियों में भी विकास के पहिये दौड़ेंगे, जिससे वहां रहने वाली एक बड़ी आबादी के जीवन स्तर में सुधार आने की संभावना है.

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टेंडर प्रक्रिया और भविष्य की योजना

नगर निगम और डूडा ने मिलकर इन 33 निर्माण कार्यों को समय पर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. टेंडर प्रक्रिया शुरू होने का मतलब है कि अगले कुछ ही हफ्तों में ठेकेदारों का चयन कर जमीनी स्तर पर काम दिखने लगेगा. करोड़ों रुपये के इस निवेश से न केवल सड़कों की स्थिति सुधरेगी बल्कि स्थानीय स्तर पर साफ-सफाई की व्यवस्था भी बेहतर होगी. प्रशासन का मानना है कि इन कार्यों के पूरा होने के बाद गाजियाबाद के रिहायशी इलाकों में ट्रैफिक और जल निकासी की व्यवस्था आदर्श हो जाएगी. यह प्रोजेक्ट शहर को आधुनिक और स्मार्ट बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा.

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