सैमसंग की स्मार्टवॉच अब सिर्फ फिटनेस ट्रैक करने तक सीमित नहीं रहने वाली. कंपनी ने दावा किया है कि उसकी Galaxy Watch 6 अब बेहोश होने से पहले यूजर को चेतावनी देने में भी मदद कर सकती है. सैमसंग ने एक क्लिनिकल स्टडी के जरिए बताया कि यह वॉच Vasovagal syncope (VVS) जैसी स्थिति का पहले से अनुमान लगाने में काफी हद तक सक्षम है. अगर यह तकनीक आगे सफल रहती है, तो भविष्य में स्मार्टवॉच लोगों की जान बचाने में भी बड़ी भूमिका निभा सकती है.
क्या है पूरा मामला?
Samsung ने 7 मई को जानकारी दी कि Chung-Ang University Gwangmyeong Hospital के साथ मिलकर की गई रिसर्च में Galaxy Watch 6 ने शानदार प्रदर्शन किया है. कंपनी के मुताबिक, यह वॉच ऐसे मामलों का अनुमान लगा सकती है, जिनमें व्यक्ति अचानक बेहोश हो सकता है. रिसर्च के नतीजों ने इस तकनीक को लेकर नई उम्मीदें पैदा की हैं.
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क्या होता है Vasovagal Syncope?
Vasovagal syncope यानी VVS एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें अचानक ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट बहुत तेजी से गिर जाता है. यह अक्सर ज्यादा तनाव, डर या मानसिक दबाव की वजह से होता है. इस दौरान व्यक्ति कुछ समय के लिए बेहोश हो सकता है. हालांकि यह आमतौर पर जानलेवा नहीं होता, लेकिन अचानक गिरने से सिर या शरीर में गंभीर चोट लग सकती है.
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डॉक्टरों ने क्या कहा?
Chung-Ang University Gwangmyeong Hospital के Cardiology विभाग के प्रोफेसर Junhwan Cho के मुताबिक, लगभग 40 प्रतिशत लोगों को जिंदगी में कभी न कभी VVS का अनुभव हो सकता है. उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को पहले से चेतावनी मिल जाए, तो वह सुरक्षित जगह पर जा सकता है या समय रहते मदद मांग सकता है.
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कैसे काम करती है Galaxy Watch 6?
कंपनी के अनुसार, रिसर्च टीम ने 132 ऐसे मरीजों पर अध्ययन किया, जिनमें बेहोशी के लक्षण देखे गए थे. Galaxy Watch 6 में मौजूद फोटोप्लेथिस्मोग्राफी यानी PPG सेंसर की मदद से हार्ट रेट वेरिएबिलिटी (HRV) डेटा को रिकॉर्ड किया गया. इसके बाद AI एल्गोरिदम के जरिए इस डेटा का विश्लेषण किया गया.
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कितनी सटीक निकली वॉच?
रिसर्च में सामने आया कि Galaxy Watch 6 करीब 84.6 प्रतिशत सटीकता के साथ बेहोश होने से लगभग पांच मिनट पहले संकेत देने में सक्षम रही. यानी यूजर को समय रहते सतर्क किया जा सकता है, जिससे दुर्घटना या चोट के खतरे को कम किया जा सकता है.
भविष्य में क्या बदल सकता है?
अगर यह तकनीक बड़े स्तर पर सफल साबित होती है, तो आने वाले समय में स्मार्टवॉच सिर्फ हेल्थ ट्रैकर नहीं बल्कि रियल-टाइम हेल्थ अलर्ट डिवाइस बन सकती हैं. खासकर बुजुर्गों और हेल्थ समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए यह फीचर काफी मददगार साबित हो सकता है.
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