हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

चार्जर ओरिजिनल फिर भी फोन धीरे चार्ज हो रहा? ये छोटी सी गलती कम कर रही चार्जिंग स्पीड

फोन चार्ज होने में घंटों लगा रहा है? हो सकता है गलती चार्जर की नहीं, आपकी केबल की हो. जानिए कैसे पहचानें सही चार्जर और केबल, जिससे आपका स्मार्टफोन मिनटों में फास्ट चार्ज होने लगे.

विज्ञापन
फोन चार्ज होने में लग रहे घंटों? चार्जर नहीं, ये गलती कर रही है नुकसान.

Phone Fast Charging Tips: आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन कंपनियां बॉक्स में चार्जर देना बंद कर चुकी हैं. ऐसे में लोग अलग-अलग चार्जर और केबल का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कई बार फोन उम्मीद के मुताबिक फास्ट चार्ज नहीं होता. दिलचस्प बात यह है कि समस्या हमेशा चार्जर में नहीं होती, बल्कि कई बार गलत केबल या चार्जिंग टेक्नोलॉजी की वजह से भी फोन धीरे चार्ज होता है. अगर आप चार्जर और केबल की सही पहचान करना सीख जाएं, तो बिना ज्यादा पैसे खर्च किए भी अपने फोन को बेहतर स्पीड से चार्ज कर सकते हैं.

सिर्फ चार्जर खरीद लेने से नहीं मिलेगी फास्ट चार्जिंग

कई लोगों को लगता है कि 100W का चार्जर खरीदते ही फोन बेहद तेजी से चार्ज होने लगेगा, लेकिन हकीकत इससे अलग है. फास्ट चार्जिंग तभी काम करती है जब चार्जर और केबल दोनों एक-दूसरे के साथ सही तरीके से काम करें. उदाहरण के तौर पर Samsung Galaxy S26 Ultra 60W चार्जिंग सपोर्ट करता है, लेकिन इसके लिए केवल 60W चार्जर होना काफी नहीं है. आपको ऐसी केबल भी चाहिए जो 60W चार्जिंग को सपोर्ट करती हो. खास बात यह है कि S26 Ultra के साथ मिलने वाली केबल खुद 60W स्पीड को सपोर्ट नहीं करती.

बॉक्स पर लिखी स्पीड देखकर फैसला न करें

चार्जर के बॉक्स पर सुपरफास्ट या हाई-स्पीड चार्जिंग लिखा होना इस बात की गारंटी नहीं है कि वह हर फोन को उसी स्पीड से चार्ज करेगा. अलग-अलग ब्रांड अपनी अलग चार्जिंग टेक्नोलॉजी इस्तेमाल करते हैं. उदाहरण के लिए Vivo और Oppo की SuperVOOC तकनीक वाले चार्जर Samsung या Apple डिवाइस पर उसी स्पीड से काम नहीं करते. इसलिए चार्जर खरीदते समय उसकी वोल्टेज और सपोर्टेड चार्जिंग टेक्नोलॉजी को समझना जरूरी है.

विज्ञापन

60W से ऊपर चार्जिंग के लिए E-Marker केबल जरूरी

अगर आपका फोन 60W या उससे ज्यादा फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करता है, तो साधारण केबल से काम नहीं चलेगा. ऐसे मामलों में 5A E-Marker चिप वाली केबल का इस्तेमाल करना जरूरी होता है. सस्ती केबल में यह चिप नहीं होती. जब चार्जर को E-Marker चिप नहीं मिलती, तो वह सुरक्षा कारणों से पावर आउटपुट कम कर देता है. नतीजा यह होता है कि आपका फोन पूरी स्पीड से चार्ज नहीं हो पाता.

अच्छी केबल की पहचान कैसे करें?

नई केबल खरीदते समय उसके बॉक्स पर 5A, 100W या 240W जैसी रेटिंग जरूर देखें. असली 5A केबल आमतौर पर थोड़ी मोटी और मजबूत होती हैं क्योंकि उनमें बेहतर क्वालिटी की कॉपर वायर और अतिरिक्त शील्डिंग का इस्तेमाल किया जाता है. अगर केबल बहुत पतली और हल्की लग रही है, तो उसकी चार्जिंग क्षमता सीमित हो सकती है.

विज्ञापन

ये भी पढ़ें- AC चलाने वालों के लिए बड़ा अपडेट, सरकार ने तय किया नया तापमान, बिजली बचाने जारी किए नए आदेश

केबल की लंबाई भी करती है असर

बहुत लंबी केबल इस्तेमाल करने से भी चार्जिंग स्पीड प्रभावित हो सकती है. विशेषज्ञों के मुताबिक 3 से 6 फीट लंबी केबल सबसे बेहतर रहती है. इससे पावर लॉस कम होता है और फोन को स्थिर चार्जिंग मिलती है. जरूरत से ज्यादा लंबी केबल कई बार चार्जिंग की रफ्तार घटा देती है.

विज्ञापन

सही चार्जर और केबल चुनने के आसान नियम

फोन को तेज और सुरक्षित चार्ज करने के लिए सिर्फ विज्ञापन या बॉक्स पर लिखी स्पीड पर भरोसा न करें. हमेशा वही चार्जर खरीदें जो आपके फोन की चार्जिंग टेक्नोलॉजी को सपोर्ट करता हो. साथ ही अच्छी क्वालिटी की 5A या हाई-वॉटेज केबल का इस्तेमाल करें. अगर बजट अनुमति देता है तो ब्रांड का ओरिजिनल चार्जर चुनना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है. सही चार्जर और सही केबल का मेल ही आपके फोन को असली फास्ट चार्जिंग का फायदा दिला सकता है.

ये भी पढ़ें- दिनभर पंखा चलने से कितना आता है बिजली बिल? जानिए हर महीने का खर्च

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola