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फोन का चार्जिंग पोर्ट हो गया ढीला? ये 4 गलतियां आज ही छोड़ दें, वरना बढ़ेगा खर्च

क्या फोन चार्ज करते समय केबल बार-बार बाहर निकल जाती है या खास एंगल पर रखने के बाद ही चार्जिंग होती है? तो यहां हम बता रहे हैं ऐसी गलतियां जिनकी वजह फोन का पोर्ट ढीला या खराब होता है.

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इन गलतियों से खराब हो सकता है चार्जिंग पोर्ट. (Image Credit-Freepik)

स्मार्टफोन को दिन में कई बार चार्ज करना अब हमारी रोज की जरूरत बन गया है. ऐसे में अगर फोन का चार्जिंग पोर्ट ढीला पड़ जाए तो परेशानी बढ़ जाती है. कई बार केबल पोर्ट में टिकती नहीं है. और कभी-कभी फोन को एक खास एंगल पर खने के बाद ही चार्जिंग शुरू होती है. हालांकि हर बार इसके लिए पोर्ट को दोष दोन सही नहीं है, अक्सर धूल, केबल इस्तेमाल करने का तरीका और चार्जिंग के दौरान फोन पर पड़ने वाला दबाव इसकी वजह बनता है. यहां जानते हैं किन गलतियों से चार्जिंग पोर्ट खराब हो सकता है और इसे लंबे समय तक कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है.

पोर्ट में धूल जमने पर क्या होता है?

फोन को जेब या बैग में रखने पर उसमें मौजूद धूल और कपड़ों के छोटे रेशे चार्जिंग पोर्ट के अंदर चले जाते हैं. धीरे-धीरे ये वहां जमा होने लगते हैं और एक परत बना लेते हैं. इसकी वजह से चार्जिंग केबल पोर्ट में पूरी तरह फिट नहीं हो पाती ऐसे में कनेक्शन कमजोर हो जता है और यूजर को लगता है पोर्ट ढीला हो गया है.

केबल को तार खींचने की गलती 

कई लोग फोन से चार्जर निकालते समय कनेक्टर पकड़ने के बजाय सीधे तार को खींच देते हैं. ऐसा करने से चार्जिंग पोर्ट और केबल दोनों पर अनावश्यक दबाव पड़ता है. अगर यह आदत बनी रहे तो पोर्ट के अंदर मौजूद कनेक्टर या उसकी फिटिंग को नुकसान पहुंच सकता है.

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चार्जिंग के दौरान फोन का इस्तेमाल 

फोन चार्ज करते समय उसे इस्तेमाल करने से हर बार पोर्ट खराब नहीं होता, लेकिन अगर केबल लगातार मुड़ी हुई है या उस पर खिंचाव पड़ रहा हो तो परेशानी हो सकती है. खासकर बिस्तर या सोफे पर फोन रखने के दौरान केबल एक तरफ मुड़ जाती है और कनेक्टर पर दबाव पड़ता है. ऐसे लंबे टाइम तक होने पर पोर्ट ढीला हो सकता है.

सस्ती केबल भी हो सकती है जिम्मेदार

हर चार्जिंग केबल एक जैसी नहीं होती. बहुत सस्ती या खराब क्वालिटी वाली केबल क कनेक्टर सही आकार में नहीं होने पर वह पोर्ट में ठीक से फिट नहीं बैठता. बार-बार ऐसी केबल इस्तेमाल करने से चार्जिंग पोर्ट पर दबाव पड़ सकता है और कनेक्टर की फिटिंग प्रभावित हो सकती है.

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ये भी पढ़ें- 50 रुपये की केबल और 1000 रुपये वाली चार्जिंग केबल में क्या फर्क है, क्या सस्ती से खराब होता है फोन?

चार्जिंग पोर्ट को ऐसे रखें सुरक्षित

फोन को जेब या बैग में रखते समय कोशिश करें चार्जिंग पोर्ट धूल और नमी के संपर्क में कम आए. अगर पोर्ट में गंदगी दिखाई दे तो उसे साफ करने के लिए पिन, सुई या किसी दूसरी नुकीली धातु की चीज का इस्तेमाल न करें, इससे अंदर के पिन खराब हो सकते हैं. ज्यादा गंदगी होने पर एक्सपर्ट से पोर्ट क सफाई कराना बेहतर होता है.

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बिल्कुल न करें ये गलतियां

चार्जिंग के दौरान केबल को ज्यादा मोडने या फोन को केबल के सहारे खींचने के बचना चाहिए. चार्जर निकालते समय हमेशा तार के बजाय कनेक्टर वाले हिस्से को पकड़ें. अगर केबल आसानी से पोर्ट में नहीं जा रही है तो उसे जोर लगाकर अंदर डालने की कोशिश बिल्कुल न करें.

फोन को चार्ज करने के लिए ओरिजनल चार्जर या किसी भरोसेमंद ब्रांड के चार्जर और केबल का इस्तेमाल करना बेहतर है. सही क्वालिटी की केबल पोर्ट में ठीक से फिट होती है और इससे कनेक्टर पर अनावश्यक दबाव पड़ने की संभावना कम रहती है.

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हर केबल से चार्ज न हो तो सर्विस सेंटर जाएं

अगर अलग-अलग अच्छी क्वालिटी की केबल इस्तेमाल करने के बाद भी फोन चार्ज नहीं हो रहा है तो समस्या चार्जिंग पोर्ट में हो सकती है. ऐसी कंडीशन में फोन को सर्विस सेंटर ले जाना बेहतर है.

ये भी पढ़ें- फोन को फुल चार्ज करना सही या गलत? ये जानकर बदल जाएगी आपकी चार्जिंग की आदत

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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