Twitter name change effect दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क ने ट्विटर को जबसे अपने हाथों में लिया है तभी से इसमें बदलाव करते नजर आ रहे हैं। कई नए टूल्स को एड करने के साथ ही इसे औऱ भी ज्यादा यूजर फ्रेंडली बनने की तैयारी चल रही है। इससे कई यूजर्स खुश नजर आ रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसे भी लोग हैं जो ट्विटर का नाम एक्स करने के बाद नाराज चल रहे हैं। इसे देखते हुए एक्स यूजर्स इससे दूरी बना रहे हैं। सिर्फ इतना ही नहीं इस पर लगातार यूजर्स की भी संख्याघट रही है। रीब्रांडिंग के बाद सेशन में और एवरेज यूजर टाइम में भी कमी आ रही है। वीकली एक्टिव यूजर में गिरावट होने की वजह से एलन मस्क को नुकसान हो रहा है।

नाम बदलते ही वीकली यूजर्स की संख्या में इतने % की आई कमी

ट्विटर का नाम एक्स करने के बाद पिछले कुछ हफ्ते के मुकाबले 4% की कमी देखने को मिली है। ऐप इंटेलिजेंस फर्म सेंसर टॉवर ने आंकड़ा जारी किया था। इसके अनुसार इस महीने के शुरू में ऐप 4 स्थान गिरकर 36वें स्थान पर आ गया है। सिर्फ इतना ही नहीं इंस्टॉल करने वालों की संख्या में 8% की कमी दर्ज की गई है।

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एंड्रायड और आईओएस दोनों यूजर्स में आ रही है कमी

नाम बदलने के बाद ही आईओएस यूजर्स की संख्या में 22% और एंड्रॉयड यूजर्स की संख्या में 18% की कमी आई है। वहीं दूसरी तरफ अगर एवरेज यूजर टाइम की बात करें तो इसमें 5% की कमी आई है। रिपोर्ट के अनुसार रीब्रांड करने के बाद यूजर्स के मिक्स रिएक्शन देखने को मिले हैं। इसका कारण ब्लू बर्ड को बताया गया है।

ट्विटर लाइट की संख्या में हुई बढ़तरी

टेकक्रच की रिपोर्ट के अनुसार ट्विटर लाइट की संख्या बढ़ रही है। ये आंकड़ा पिछले समय के मुकाबले लगभग 50% तक बढ़े हैं। रेवेन्यू में 6 अगस्त से 20 अगस्त के बारे में जानकारी दी गई है, इसके अनुसार रेवेन्यू में 25% का इजाफा हुआ है। आपको बताते चलें कि रीब्रांड के बाद थ्रेड्स की संख्या में 70% गिरावट के बाद ये 16 स्थान पर रहा।

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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