AC Buying Tips: लगभग आधा मार्च बीत गया है और गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है. ऐसे में कुछ लोगों ने अपने घरों में ऐसी चलाना शुरू कर दिया है वहीं कुछ इसे खरीदने की तैयारी में हैं. ऐसे में ज्यादातर लोग जब एसी लेने जाते हैं तो सीधे 1 टन, 1.5 टन या 2 टन की क्षमता देखकर फैसला कर लेते हैं और ऐसी खरीद लेते हैं. उन्हें लगता है कि बस कमरे के साइज के हिसाब से टन चुन लिया तो काम हो जाएगा. लेकिन सच इससे अलग है. केवल टन देखकर एसी खरीदना कई बार गलत साबित हो सकता है. एसी खरीदते समय एक और बेहद जरूरी चीज होती है, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है और वह है कूलिंग कैपेसिटी (Cooling Capacity). अगर इस बारे में सही जानकारी न हो तो एसी ठीक से कूलिंग नहीं कर पाएगा और बिजली का बिल भी ज्यादा आ सकता है.
क्या है Cooling Capacity?
एसी खरीदते समय टन और फीचर्स के साथ-साथ कूलिंग कैपेसिटी पर भी ध्यान देना बेहद जरूरी होता है. दरअसल कूलिंग कैपेसिटी बताती है कि एसी कमरे से कितनी गर्मी बाहर निकाल सकता है. आसान शब्दों में समझें तो यह एसी की असली ताकत कूलिंग होती है. जितनी ज्यादा कूलिंग कैपेसिटी होगी, एसी उतनी ही तेजी से कमरे को ठंडा कर पाएगा. यही वजह है कि एसी चुनते समय सिर्फ टन नहीं, बल्कि उसकी कूलिंग कैपेसिटी भी जरूर देखनी चाहिए.
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कहां मिलती है Cooling Capacity की जानकारी?
अगर आप सोच रहे हैं कि एसी की कूलिंग कैपेसिटी के बारे में जानकारी कहां से मिलेगी, तो इसका जवाब काफी आसान है. एसी यूनिट पर जो स्टार रेटिंग वाला स्टिकर लगा होता है, उसी पर इस बारे में जानकारी दी जाती है. इस लेबल में पावर कंजम्प्शन, स्टार रेटिंग और कूलिंग कैपेसिटी जैसी कई अहम जानकारी लिखी होती है. एसी खरीदते समय इस स्टिकर को ध्यान से पढ़ना चाहिए ताकि सही मॉडल चुनने में आसानी हो सके.
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हर 1.5 Ton AC की Cooling Capacity एक जैसी नहीं होती
अक्सर लोगों को लगता है कि अगर एसी 1.5 टन का है तो उसकी कूलिंग क्षमता भी हर ब्रांड में एक जैसी होगी, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. अलग-अलग कंपनियां 1.5 टन एसी को अलग-अलग कूलिंग कैपेसिटी के साथ बाजार में लाती हैं. उदाहरण के तौर पर, ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म जैसे फ्लिपकार्ट और अमेजन पर मौजूद कई 1.5 टन एसी मॉडल्स को देखने पर पता चलता है कि इनमें 3300W, 4750W, 5000W, 5050W, 5200W और 5400W तक की कूलिंग कैपेसिटी मिलती है. यानी एक ही टन के एसी में भी कूलिंग क्षमता में बड़ा फर्क हो सकता है.
कम Cooling Capacity का क्या होता है नुकसान?
मान लीजिए आपने ऐसा एसी खरीद लिया जिसकी कूलिंग कैपेसिटी कम है. ऐसे में एसी को कमरे की गर्मी बाहर निकालने में ज्यादा समय लगेगा. इसका मतलब यह हुआ कि एसी को लंबे समय तक चलाना पड़ेगा. जब एसी ज्यादा देर तक चलेगा तो बिजली की खपत भी बढ़ेगी और आखिर में बिजली का बिल भी ज्यादा आएगा. इसलिए एसी खरीदते समय सिर्फ टन पर भरोसा करने के बजाय उसकी कूलिंग कैपेसिटी को समझना और जांचना बेहद जरूरी है.
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