हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

दुनिया की 8वीं सबसे महंगी सेना, फिर भी चंद हूतियों के आगे क्यों बेबस सऊदी अरब?

हूतियों ने हाल ही सऊदी की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मिसाइल दागी थी, जिसमें करीब 14 लोगों की मौत हो गई थी. इसके अलावा तेल कंपनी सऊदी अरामको के ठिकानों पर भी हूतियों ने हमला किया था.

विज्ञापन
सऊदी अरब करीब 83 अरब डॉलर रक्षा पर खर्च करता है. (Image - AI)

सऊदी अरब की गिनती दुनिया के उन मुल्कों में होती है जिनके पास सबसे अत्याधुनिक और महंगे हथियार मौजूद हैं. SIPRI और दूसरी ग्लोबल डिफेंस रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी अरब अपनी जीडीपी का करीब 6.5 फीसदी केवल डिफेंस पर खर्च करता है. सऊदी अरब करीब 83 अरब डॉलर रक्षा पर खर्च करता है. रक्षा बजट के मामले में दुनिया का 8वां सबसे बड़ा देश है. सऊदी अरब के पास अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, थाड, F-15 और यूरोफाइटर टाइफून जैसे घातक लड़ाकू विमान हैं. इतनी मजबूत सेना होने के बाद भी यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी की नाक में दम कर रखा है.

हूतियों ने हाल ही सऊदी की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मिसाइल दागी थी, जिसमें करीब 14 लोगों की मौत हो गई थी. इसके अलावा तेल कंपनी सऊदी अरामको के ठिकानों पर भी हूतियों ने हमला किया था.

यह भी पढ़ें : मिसाइल गिरते ही भागने लगे जायरीन, हूती अटैक के बाद रियाद एयरपोर्ट पर मची भगदड़; सामने आया CCTV वीडियो

विज्ञापन

करोड़ों की मिसाइल बनाम चंद हजार का ड्रोन

हूती विद्रोही सस्ते, आसानी से बनने वाले ‘कामिकेजे ड्रोन’ और कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल करते हैं. इनकी लागत कुछ हजार डॉलर होती है. वहीं, सऊदी अरब को एक ड्रोन या मिसाइल को हवा में मार गिराने के लिए अमेरिका में बनी पैट्रियट PAC-3 मिसाइल दागनी पड़ती है. इसके एक सिंगल इंटरसेप्टर की कीमत करीब 30 से 40 लाख डॉलर होती है. इस वजह से यह युद्ध सऊदी के लिए बेहद महंगा और थका देने वाला साबित हो रहा है.

पैट्रियट और थाड सिस्टम हाई-एल्टीट्यूड पर उड़ने वाली सुपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किए गए हैं. हूती विद्रोही अब रडार से बचने के लिए बेहद नीचे उड़ान भरने वाली क्रूज मिसाइल और ड्रोनों का झुंड एक साथ कई दिशाओं से भेजते हैं. जब दर्जनों ड्रोन और मिसाइलें एक साथ दागी जाती हैं, तो एयर डिफेंस रडार ठप हो जाते हैं.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें : कौन हैं हूती विद्रोही… सऊदी अरब पर क्यों बरसा रहे मिसाइलें? कैसे हुई दोनों में दुश्मनी

सऊदी अरब का 21 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला विशाल रेगिस्तानी इलाका इतना बड़ा है कि देश के हर कोने, एयरपोर्ट और तेल रिफाइनरी पर 360-डिग्री एयर डिफेंस कवरेज दे पाना असंभव है.

विज्ञापन

हूतियों की मारक क्षमता

ईरानी तकनीकी मदद और यमन में एक दशक से चल रहे गृहयुद्ध के अनुभव के बाद हूतियों के पास अब ऐसे ड्रोन और मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं जो 2,000 किलोमीटर दूर तक मार कर सकती हैं. हूति किसी औपचारिक सैन्य छावनी से हमला करने के बजाय पहाड़ों, गुफाओं और रिहायशी बस्तियों से मोबाइल लॉन्चर्स के जरिए हमला करते हैं और तुरंत छिप जाते हैं. इससे सऊदी लड़ाकू विमानों के लिए उनके लॉन्च पैड्स को नष्ट करना बेहद कठिन हो जाता है.

क्राउन प्रिंस के ‘विजन 2030’ को खतरा

सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने देश को तेल पर निर्भरता से मुक्त करने और एक ग्लोबल टूरिज्म और कमर्शियल हब बनाने के लिए खरबों डॉलर का ‘विजन 2030’ दांव पर लगा है. रियाद एयरपोर्ट और प्रमुख शहरों पर मिसाइल हमले सीधे विदेशी पर्यटकों, इंटरनेशनल कंपनियों और निवेशकों के भरोसे को कम करते हैं.

विज्ञापन

कौन हैं हूति?

हूती विद्रोही गुट को अंसार अल्लाह के नाम से भी जाना जाता है, जिसका मतलब होता है अल्लाह के समर्थक. हूती विद्रोहियों का यमन के ज्यादात्तर हिस्सों पर कब्जा है. इनमें यमन की राजधानी सना और सऊदी अरब से नजदीकी पश्चिमी और उत्तरी इलाके भी शामिल हैं. इस गुट की स्थापना 1990 दशक में हुई थी. यह बड़ा नाम बनकर उभरा साल 2014 में, जब इस गुट ने यमन की सरकार के खिलाफ बगावत करके उसे गिरा दिया. इसके साथ ही यमन में गृह युद्ध की शुरुआत हो गई. सऊदी अरब के नेतृत्व हवाई हमले किए गए थे. इस फैसले को अमेरिका का भी समर्थन मिला हुआ था. इन हमलों में करीब 9 हजारों आम नागरिकों की मौत हुई थी.

सऊदी पर क्यों कर रहे हमले?

ईरान के समर्थन से ये गुट सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के खिलाफ कई वर्षों से लड़ाई लड़ रहा है. हालांकि, दोनों तरफ से कई बार शांति वार्ता की भी कोशिश हुई है. दोनों के बीच 2022-23 में शांति समझौता भी हुआ था. हालांकि, 2026 में फिर दोनों में तनाव पैदा हो गया. हूदी विद्रोहियों ने दोबारा से सऊदी अरब पर हमले करने शुरू कर दिए.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola