सऊदी अरब की गिनती दुनिया के उन मुल्कों में होती है जिनके पास सबसे अत्याधुनिक और महंगे हथियार मौजूद हैं. SIPRI और दूसरी ग्लोबल डिफेंस रिपोर्ट्स के मुताबिक, सऊदी अरब अपनी जीडीपी का करीब 6.5 फीसदी केवल डिफेंस पर खर्च करता है. सऊदी अरब करीब 83 अरब डॉलर रक्षा पर खर्च करता है. रक्षा बजट के मामले में दुनिया का 8वां सबसे बड़ा देश है. सऊदी अरब के पास अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, थाड, F-15 और यूरोफाइटर टाइफून जैसे घातक लड़ाकू विमान हैं. इतनी मजबूत सेना होने के बाद भी यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी की नाक में दम कर रखा है.
हूतियों ने हाल ही सऊदी की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मिसाइल दागी थी, जिसमें करीब 14 लोगों की मौत हो गई थी. इसके अलावा तेल कंपनी सऊदी अरामको के ठिकानों पर भी हूतियों ने हमला किया था.
यह भी पढ़ें : मिसाइल गिरते ही भागने लगे जायरीन, हूती अटैक के बाद रियाद एयरपोर्ट पर मची भगदड़; सामने आया CCTV वीडियो
करोड़ों की मिसाइल बनाम चंद हजार का ड्रोन
हूती विद्रोही सस्ते, आसानी से बनने वाले ‘कामिकेजे ड्रोन’ और कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल करते हैं. इनकी लागत कुछ हजार डॉलर होती है. वहीं, सऊदी अरब को एक ड्रोन या मिसाइल को हवा में मार गिराने के लिए अमेरिका में बनी पैट्रियट PAC-3 मिसाइल दागनी पड़ती है. इसके एक सिंगल इंटरसेप्टर की कीमत करीब 30 से 40 लाख डॉलर होती है. इस वजह से यह युद्ध सऊदी के लिए बेहद महंगा और थका देने वाला साबित हो रहा है.
पैट्रियट और थाड सिस्टम हाई-एल्टीट्यूड पर उड़ने वाली सुपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किए गए हैं. हूती विद्रोही अब रडार से बचने के लिए बेहद नीचे उड़ान भरने वाली क्रूज मिसाइल और ड्रोनों का झुंड एक साथ कई दिशाओं से भेजते हैं. जब दर्जनों ड्रोन और मिसाइलें एक साथ दागी जाती हैं, तो एयर डिफेंस रडार ठप हो जाते हैं.
यह भी पढ़ें : कौन हैं हूती विद्रोही… सऊदी अरब पर क्यों बरसा रहे मिसाइलें? कैसे हुई दोनों में दुश्मनी
सऊदी अरब का 21 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला विशाल रेगिस्तानी इलाका इतना बड़ा है कि देश के हर कोने, एयरपोर्ट और तेल रिफाइनरी पर 360-डिग्री एयर डिफेंस कवरेज दे पाना असंभव है.
हूतियों की मारक क्षमता
ईरानी तकनीकी मदद और यमन में एक दशक से चल रहे गृहयुद्ध के अनुभव के बाद हूतियों के पास अब ऐसे ड्रोन और मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं जो 2,000 किलोमीटर दूर तक मार कर सकती हैं. हूति किसी औपचारिक सैन्य छावनी से हमला करने के बजाय पहाड़ों, गुफाओं और रिहायशी बस्तियों से मोबाइल लॉन्चर्स के जरिए हमला करते हैं और तुरंत छिप जाते हैं. इससे सऊदी लड़ाकू विमानों के लिए उनके लॉन्च पैड्स को नष्ट करना बेहद कठिन हो जाता है.
क्राउन प्रिंस के ‘विजन 2030’ को खतरा
सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने देश को तेल पर निर्भरता से मुक्त करने और एक ग्लोबल टूरिज्म और कमर्शियल हब बनाने के लिए खरबों डॉलर का ‘विजन 2030’ दांव पर लगा है. रियाद एयरपोर्ट और प्रमुख शहरों पर मिसाइल हमले सीधे विदेशी पर्यटकों, इंटरनेशनल कंपनियों और निवेशकों के भरोसे को कम करते हैं.
कौन हैं हूति?
हूती विद्रोही गुट को अंसार अल्लाह के नाम से भी जाना जाता है, जिसका मतलब होता है अल्लाह के समर्थक. हूती विद्रोहियों का यमन के ज्यादात्तर हिस्सों पर कब्जा है. इनमें यमन की राजधानी सना और सऊदी अरब से नजदीकी पश्चिमी और उत्तरी इलाके भी शामिल हैं. इस गुट की स्थापना 1990 दशक में हुई थी. यह बड़ा नाम बनकर उभरा साल 2014 में, जब इस गुट ने यमन की सरकार के खिलाफ बगावत करके उसे गिरा दिया. इसके साथ ही यमन में गृह युद्ध की शुरुआत हो गई. सऊदी अरब के नेतृत्व हवाई हमले किए गए थे. इस फैसले को अमेरिका का भी समर्थन मिला हुआ था. इन हमलों में करीब 9 हजारों आम नागरिकों की मौत हुई थी.
सऊदी पर क्यों कर रहे हमले?
ईरान के समर्थन से ये गुट सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के खिलाफ कई वर्षों से लड़ाई लड़ रहा है. हालांकि, दोनों तरफ से कई बार शांति वार्ता की भी कोशिश हुई है. दोनों के बीच 2022-23 में शांति समझौता भी हुआ था. हालांकि, 2026 में फिर दोनों में तनाव पैदा हो गया. हूदी विद्रोहियों ने दोबारा से सऊदी अरब पर हमले करने शुरू कर दिए.
संबंधित खबरें
सिंहासन हिला रहे 'Gen-Z'! भारत से फ्रांस तक सड़कों पर कैसे उतरा युवा?
1 hr agoअटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल की नियुक्ति की क्या है पूरी प्रक्रिया
20 hrs agoदिल्ली में जंतर मंतर को प्रोटेस्ट लिस्ट से क्यों हटाया? तय किए 3 नए स्थल
20 hrs agoजेपी आंदोलन से CJP प्रदर्शन तक का सफर
2 days agoरेलवे स्टेशन का नाम कैसे बदला जाता है? जानें क्या है पूरी प्रक्रिया
3 days agoनोबेल पुरस्कार विजेताओं को 'लॉरिएट' क्यों कहा जाता है? दिलचस्प है कहानी
4 days agoविदेश यात्रा पर क्यों जाते हैं CM, उन्हें भी लेनी पड़ती है किसी की मंजूरी?
6 days agoब्राजील के चुनाव में फंसा पेंच, क्या है 'रनऑफ' प्रक्रिया जिसमें होगा फैसला?
7 days agoCEC ज्ञानेश कुमार हो सकते हैं गिरफ्तार? केरलम केस में कितनी हो सकती सजा
7 days agoकिन्हें दिया जाता है नोबेल पुरस्कार, अब तक कितने भारतीयों को मिला ये अवॉर्ड
7 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines