हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

क्या है 'खर्ग द्वीप'… जिसके जरिए ईरान को घुटनों पर लाएगा US? ट्रंप के इस 'मास्टरप्लान' का क्या होगा दुनिया में असर

फारस की खाड़ी में यह एक छोटा ईरानी द्वीप है. ये ईरान के तट से करीब 25-30 किलोमीटर दूर है. खर्ग द्वीप ईरान की इकॉनमी में एक बड़ी भूमिका निभाता है. यह ईरान के क्रूड ऑयल एक्सपोर्ट टर्मिनल के रूप में काम करता है.

विज्ञापन
जंग के दौरान खर्ग द्वीप अब तक सीधे हमलों से बचा रहा.

अमेरिका और इजरायल ईरान के मिसाइल और सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, लेकिन फारस की खाड़ी में एक छोटा सा द्वीप अब भी अछूता है. यह खर्ग द्वीप है – जो ईरान की इकॉनमी की रीढ़ है, इसके जरिए ईरान का 90% तेल एक्सपोर्ट होता है. इस पर अभी अमेरिका और इजरायल ने हमला नहीं किया. लेकिन इस बीच कुछ रिपोर्ट्स आई हैं, जिनके मुताबिक, अब डोनाल्ड ट्रंप की नजर इस द्वीप पर गई है. क्या ट्रंप खर्ग द्वीप पर कब्जा करके ईरान को घुटनों पर लाने का अंतिम दांव चलने की सोच रहे हैं? लेकिन सवाल यह भी है कि अगर अमेरिका इस पर हमला करता है तो ग्लोबल ऑयल मार्केट में कितना बड़ा संकट आएगा.

एक्सियोस (Axios) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप द्वीप के आसपास मिलिट्री एक्शन पर विचार कर रहे हैं.

यह भी पढ़ें : Cluster Bomb: कितने खतरनाक हैं क्लस्टर बम, क्या हैं इस्तेमाल करने के नियम और बनाने में कितना खर्चा आता?

विज्ञापन

कहां है ये द्वीप?

फारस की खाड़ी में यह एक छोटा ईरानी द्वीप है. ये ईरान के तट से करीब 25-30 किलोमीटर दूर है. खर्ग द्वीप ईरान की इकॉनमी में एक बड़ी भूमिका निभाता है. यह ईरान के क्रूड ऑयल एक्सपोर्ट टर्मिनल के रूप में काम करता है. यहां से ईरान के ऑयल एक्सपोर्ट का करीब 90 फीसदी हिस्सा सप्लाई होता है. इसके लोडिंग टर्मिनल रोजाना करीब सात मिलियन बैरल तेल संभाल सकते हैं. खर्ग ईरानी एनर्जी एक्सपोर्ट की रीढ़ और ईरानी ऑयल फील्ड्स और ग्लोबल मार्केट के बीच एक प्रमुख कड़ी माना जाता है. इसे ईरान की ‘तिजोरी’ माना जाता है, क्योंकि वहां की इकॉनमी में इसकी अहम भूमिका है.

क्या होगा इसका असर?

ईरान युद्ध में पूरे देश में परमाणु ठिकाने, मिसाइल बेस और मिलिट्री इंफ्रा को निशाना बनाया गया. लेकिन, खर्ग द्वीप जैसे एनर्जी इंफ्रा को नहीं छुआ गया. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस पर हमला करने या नुकसान पहुंचाने से ईरान के क्रूड ऑयल एक्सपोर्ट पर बड़ा नुकसान पहुंचेगा. इसके साथ ही पूरे विश्व में तेल की कीमतों में काफी इजाफा हो सकता है. क्योंकि अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होमुर्ज का रूट बंद कर रखा है, जो इसके करीब ही स्थित है. ऐसे में पहले ही दूसरे देशों में तेल का संकट पैदा होने के कगार पर है.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें : Explainer : युद्ध के बीच बंद हुआ दुनिया का सबसे बड़ा ‘ऑयल रूट’, भारत में LPG पर संकट; मोदी सरकार के पास क्या है ‘प्लान-B’?

अब क्यों ट्रंप के निशाने पर?

बताया जा रहा है कि ट्रंप युद्ध को जारी रखने की ईरान की क्षमता को कमजोर करने के लिए इस द्वीप पर निशाना बनाने की रणनीति पर काम कर सकते हैं. रिपोर्ट्स में कुछ अधिकारियों और एक्सपर्ट्स ने संभावना जताई है कि अमेरिका खर्ग द्वीप पर कब्जा कर सकता है या फिर उसे तबाह भी कर सकता है. इस पर निशाने से ईरान की ताकत कम हो जाएगी. इससे जारी जंग के बीच ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें : क्या हैं Rare Earth Elements, कौन-सी चीजें बनती इनसे, दुनिया में किस-किस के पास है भंडार, भारत के पास कितना स्टॉक?

क्यों रहा अछूता?

जंग के दौरान खर्ग द्वीप अब तक सीधे हमलों से बचा रहा. कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि ऐसा फैसला जानबूझकर लिया गया. अगर द्वीप के एक्सपोर्ट इंफ्रा को तबाह किया जाता है तो उसका सीधा असर ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर पड़ेगा. इससे तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है और ईरान में सरकार परिवर्तन की हालत में पुनर्निर्माण में मुश्किल हो सकती है. हो सकता है कि अमेरिका और इजरायल की अभी तक ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमताओं कम करने की रणनीति रही हो.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola