25 साल पहले जब अमेरिकी प्रतिबंधों के आगे नहीं झुका भारत, US को हटना पड़ा था पीछे

भारतीय अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे आगे बढ़ती रही. 2003 तक भारत की GDP वृद्धि दर करीब 7.8 प्रतिशत तक पहुंच गई थी. उधर, भारत ने प्रतिबंधों के बावजूद अमेरिका के साथ बातचीत का रास्ता बंद नहीं किया.

Atal Bihari Vajpayee

भारत की GDP वृद्धि दर करीब 7.8% तक पहुंच गई थी. (Photo: Facebook/ Bharat Ratna Atal Bihari Vajpayee)

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) को संबोधित करते हुए एक बार फिर से टैरिफ का जिक्र किया. हालांकि इस बार उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है, साथ ही यह भी कहा कि दुनिया को ईरान के खिलाफ आर्थिक बहिष्कार भी करना चाहिए. ये पहली बार नहीं है, जब डोनाल्ड ट्रंप या किसी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने मतभेदों के चलते दूसरे देश पर प्रतिबंध लगाए हों. 25 साल पहले अमेरिका ने भारत पर भी कई कड़े प्रतिबंध लगाए थे, हालांकि तत्कालीन केंद्र की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने यूएस के आगे झुकने की बजाए डटकर मुश्किलों का सामना करने का फैसला किया.

25 साल पहले अमेरिका ने भारत को दिखाए तेवर

बात वर्ष 1998 की है, जब 11 मई को राजस्थान के पोखरण में भारत ने परमाणु परीक्षण किए. तत्कालीन पीएम अटल बिहारी वाजपेयी ने इसे भारत की सुरक्षा और रणनीतिक जरूरतों से जोड़ा था. लेकिन अमेरिका के उस समय के राष्ट्रपति बिल क्लिंटन को भारत का परमाणु परीक्षण पचा नहीं और उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कुछ दिनों बाद भारत पर आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए.

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अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच पाकिस्तान ने छेड़ा युद्ध

अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते भारत को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से मिलने वाली सहायता और लोन मिलना मुश्किल हो गया. इसके अलावा रक्षा उपकरणों की बिक्री, सैन्य वित्तीय सहायता और कई तरह के तकनीकी सहयोग पर रोक लगाई गई. गौरतलब है कि अमेरिकी प्रतिबंधों का असर भारत पर पड़ा और इसी दौरान कारगिल युद्ध में रक्षा उपकरणों की पहुंच एक चुनौती बन गई.

भारत ने कैसे किया दोनों चुनौतियों का सामना?

इसके बावजूद भारत ने अपनी आर्थिक नीतियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को जारी रखा. सरकार ने अमेरिका के साथ-साथ यूरोप, रूस, खाड़ी देशों और एशिया के अन्य देशों के साथ व्यापारिक रिश्तों को मजबूत किया. इस दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था धीरे-धीरे आगे बढ़ती रही. 2003 तक भारत की GDP वृद्धि दर करीब 7.8 प्रतिशत तक पहुंच गई थी. उधर, भारत ने प्रतिबंधों के बावजूद अमेरिका के साथ बातचीत का रास्ता बंद नहीं किया. साल 2000 में राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भारत दौरे पर आए. इसके बाद दोनों देशों के संबंधों में धीरे-धीरे सुधार हुआ. 22 सितंबर 2001 को राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने भारत पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटा दिया.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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