गुरुग्राम में गोल्फ कोर्स रोड पर एक महिला बाइकर को गाड़ी ने जान-बूझकर टक्कर मारी, जिसके बाद ड्राइवर फरार हो गया. टक्कर इतनी जोरदार थी कि महिला बहुत बुरी तरह से सड़क पर गिरी. ये पूरा मामला बाइक में लगे कैमरे में रिकॉर्ड हो गया. पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. ऐसी ही एक वारदात ग्रेटर नोएडा में भी हुई. एक बेकाबू कार ने सड़क पार कर रहे शख्स को इतनी तेज टक्कर मारी कि वो हवा में उछलकर कई मीटर दूर गिरा. इस हादसे में उनकी कई हड्डियां टूट गईं. सड़क हादसे की ऐसी खबरें सामने आने के बाद लोगों के मन में अकसर ये सवाल उठ रहे हैं कि हिट एंड रन केस में क्या सजा होती है और कौन सी धाराएं लागू होती हैं.

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कौन सी धारा लागू होती है?

सड़क हादसे के मामलों में भारतीय न्याय संहिता BNS, 2023 की धारा 106, 106 (1), 106 (2) लागू हो सकती है. अगर किसी सड़क दुर्घटना में किसी की मौत हो जाती है या लापरवाही से गाड़ी चलाने की वजह से किसी दूसरे व्यक्ति को चोट लग जाती है तो इन धाराओं के तहत सजा मिल सकती है. BNS, 2023 की धारा 106(1) के तहत अगर तेज गाड़ी चलाने से किसी की मौत हो जाए, लेकिन ड्राइवर फरार ना हो और पुलिस को इस बारे में जानकारी दे तो 5 साल की जेल और जुर्माना हो सकता है. धारा 106 (2) हिट एंड रन केस में लागू होती है. अगर ड्राइवर की लापरवाही से किसी को चोट लग जाए या मौत हो जाए और वो बिना मदद किए वहां से फरार हो जाए, तो 10 साल तक की कैद और भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान है. ये एक गैर-जमानती क्राइम है. हालांकि फाइनल फैसला कोर्ट का ही होता है.

पुलिस को सूचना देना जरूरी

सड़क सुरक्षा कानून के मुताबिक, दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति की मदद करना एक अहम जिम्मेदारी मानी जाती है. चालक को अस्पताल पहुंचाना और पुलिस को सूचना देना अनिवार्य है. सुप्रीम कोर्ट ने भी कई बार Good Samaritan का जिक्र किया है, जिससे कि घायल व्यक्ति को वक्त रहते इलाज दिया जा सके. अगर कोई ड्राइवर बिना पुलिस को सूचना दिए घटनास्थल से भाग जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी केस बनता है. ऐसा करने पर 106(2) के तहत कड़ा दंड दिया जाता है.

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किन बातों पर ध्यान दें?

-अगर किसी व्हीकल से हादसा हो जाए, तो सबसे पहली रुककर स्थिति का आकलन करना करें
-घायल व्यक्ति को मेडिकल हेल्प दिलवाने की कोशिश करें
-ज्यादा चोट लगने पर खुद उन्हें अस्पताल लेकर जाएं या एंबुलेंस का इंतजार करें
-पुलिस को हादसे के बारे में सूचित करें और जांच में सहयोग दें
-अगर हादसा आपकी वजह से नहीं हुआ है, तो भी किसी घायल की मदद जरूर करें

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