अमिताभ बच्चन ने अपने बेटे से कहा था कि अगर चलना सीखना है तो दत्त साहब की तरह चाल चलना सीखो वो एक पैंथर की तरह चलते हैं. बिग बी ने ये बात किसी और के लिए नहीं बल्कि सुनील दत्त के लिए कही थी. वह जब भी स्क्रीन पर आते थे तो अलग ही माहौल होता था. वह इंडस्ट्री के दिग्गज कलाकारों में से थे. आज वो भले ही इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन, उन्हें अभिनय और फिल्मों के लिए हमेशा याद किया जाता है. वह केवल एक्टिंग ही नहीं बल्कि राजनीति की दुनिया में काफी एक्टिव थे. हर कोई उनकी अदायगी और पर्सनैलिटी का कायल था. इसके अलावा वह अपनी जिंदगी में परिवार को लेकर भी काफी सुर्खियों में रहे थे. ऐसे में आज आपको बंटवारे से जुड़ा किस्सा बता रहे हैं, जब वह अपने परिवार से बिछड़ गए थे.
दरअसल, सुनील दत्त का जन्म पाकिस्तान के खुर्द में हुआ था. उनका असली नाम बलराज दत्त था. विभाजन के बाद वह इंडिया आ गए थे. उन्होंने दूरदर्शन को दिए इंटरव्यू में बंटवारे के दर्द का जिक्र किया था. उन्होंने 5 साल की उम्र में बंटवारे का दर्द सहा था. सोशल मीडिया पर उनके इसी इंटरव्यू की एक वीडियो क्लिप वायरल हो रही है, जिसमें वह बताते हैं कि परिवार से बिछड़ने के बाद लगा कि उनका भी वही हाल हुआ, जो और लोगों का हुआ था.
बंटवारे में परिवार से हो गए थे अलग
वायरल क्लिप में सुनील दत्त को बंटवारे पर बात करते हुए देखा जा सकता है. इसमें वह कहते हैं, ‘बंटवारे के समय मैं परिवार से बिछड़ गया था. अलग-अलग कैंपों में उन्हें खोजता रहा. मैं अपनी मां को, छोटे भाई को, छोटी बहन…मैंने उन्हें लेकर यही सोचा कि उनका भी वही हाल हुआ होगा, जो बाकी लोगों का हुआ था. जब मैं अंबाला में था तो एक तांगा मेरे पास से गुजरा.उसमें से एक आवाज आई ओ बलराज. मैं सोच में पड़ गया कि मुझे यहां बलराज के नाम से कौन जानता है.’
यह भी पढ़ें: ‘दो दिन में पैसे दो…’, TGIKS और नेटफ्लिक्स को फिरोज नाडियाडवाला का नोटिस, की 25 करोड़ और माफी की मांग
यूं मिला था सुनील दत्त का परिवार
सुनील दत्त आगे बताते हैं, ‘उसमें मेरा एक रिश्तेदार था, जो तांगे में जा रहा था तो उसने मुझे तांगे पर बैठा लिया.मुझे उससे पूछने में डर भी लगे कि मेरी मां, भाई-बहन को देखा है कहीं? उसने मुझसे कुछ कहा नहीं. फिर मैंने उससे पूछा कि तुम कैसे आ गए वहां से? कहता है कि हम तो ऐसे ही आ गए, मेरा जो अंकल है वो एसपी बन गया है यहां अंबाला में तो चलो उनकी कोठी में चलते हैं. उनका बालि साहब नाम था. हम उनकी कोठी में गए, तो जब मैं तांगे से उतरा मैंने सामने देखा कि मेरी मां खड़ी है. वो मैले कुचैले कपड़े में थी. मेरा भाई शॉर्ट्स में खड़ा था. मेरी बहन थी. उस समय उन्हें देखकर मुझे ऐसा लगा कि जैसे मुझे दुनिया जहान मिल गया है. ये मेरे लिए वो खुशी का दिन था कि जब सभी उम्मीदें टूट चुकी थीं तो मेरे सामने मेरी मां आ गईं. यही मेरे लिए मेरी खुशी का बहुत बड़ा दिन था.’
यह भी पढ़ें: ’18 साल पहले मुझे सिखाया था कि…’, क्या ‘कल्कि 2898 एडी’ के मेकर्स को दिया है दीपिका ने जवाब?
संबंधित खबरें
KBC में माधुरी दीक्षित बनीं 'चंद्रमुखी', अमिताभ बच्चन ने की तारीफ
4 hrs agoBigg Boss 20 में इस हफ्ते नॉमिनेट हुए ये 7 कंटेस्टेंट्स, देखें लिस्ट
5 hrs agoहिमाचल प्रदेश नहीं, मुंबई में ही रहेंगे यामी गौतम-आदित्य धर
7 hrs agoरश्मिका-विजय की 'राणाबाली' में दिखेगा 'द ग्रेट मद्रास अकाल' का इतिहास
8 hrs ago'जेलर 2' के ट्रेलर में रजनीकांत संग दिखा विद्या बालन का धांसू अवतार
9 hrs agoStreet Fighter के ट्रेलर लॉन्च में विद्युत जामवाल ने 15 मिनट तक रोकी सांस
10 hrs agoBigg Boss 20: गर्लफ्रेंड के होते हुए लव के लिए धड़का स्काउट का दिल!
10 hrs agoवीकेंड के बाद भी नहीं थमी Drishyam 3 की रफ्तार, जानें वर्ल्डवाइड कलेक्शन
11 hrs ago'आपकी जगह जेल में है', चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को SC ने लगाई फटकार
1 day agoआलिया भट्ट संग 'इंशाल्लाह' में काम करेंगे संजय लीला भंसाली? चर्चाएं तेज
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines