Parveen Babi: एक जमाने में सुपरस्टार थीं परवीन बॉबी, फिर भी अंधेरे, तन्हाई और डिप्रेशन में हुई एक्ट्रेस की मौत
Edited By Nancy Tomar

Parveen Babi
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Parveen Babi: परवीन बॉबी ने अपने करियर में कई बेहतरीन फिल्में दी हैं। 1976 से 80 के बीच वो इंडस्ट्री की सबसे महंगी एक्ट्रेस की लिस्ट में शुमार थीं, लेकिन जब उनकी मौत हुई तो दो दिन तक किसी को खबर तक नहीं लगी थी।
20 जनवरी 2005 को उनकी मौत हो गई थी, लेकिन उनका शव 22 जनवरी को उनके फ़्लैट से निकाला गया। परवीन बाबी ने आत्महत्या की थी या उनकी मौत हुई थी ये आज तक कोई नहीं जान पाया।
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कहा जाता है कि सिल्वर स्क्रीन पर उनकी जिंदगी में जितनी चमक दिखती थी असल में वो उतनी ही अकेली थीं। हालांकि, वह अपनी लव लाइफ को लेकर अक्सर चर्चा में रहीं। बताया जाता है कि उनका अफेयर महेश भट्ट के अलावा डैनी और कबीर बेदी से भी रहा, लेकिन महेश भट्ट के साथ उनकी प्यार भरी कहानी का दर्दनाक अंत हुआ था।
परवीन उस समय अपने करियर के चरम पर थीं जब महेश भट्ट से उन्हें प्यार हो गया था। इससे पहले उनका अफेयर कबीर बेदी के साथ था। कबीर से ब्रेकअप के बाद उन्होंने महेश भट्ट का हाथ थाम लिया, लेकिन महेश पहले से ही शादीशुदा थे। बावजूद इसके महेश अपनी पत्नी को छोड़कर परवीन के साथ लिव इन में रहने लगे। उन दिनों परवीन फिल्म ‘अमर-अकबर-एन्थॉनी’ और ’काला पत्थर’ की शूटिंग कर रही थीं।
कहा जाता है कि महेश के लिए परवीन घर पर एक साधारण लड़की की तरह रहती थीं। देखते-देखते दोनों के रिश्ते को दो साल हो गए। साल 1979 में महेश भट्ट को अचानक एक ऐसी सच्चाई का पता चला जिससे उनके होश उड़ गए। एक दिन महेश जब घर लौटे तो उन्होंने देखा कि परवीन फिल्म का कॉस्ट्यूम पहने घर के एक कोने में बैठी हैं उनके हाथ में चाकू था।
महेश को देखते हुए परवीन ने उन्हें चुप रहने का इशारा किया। इसके बाद परवीन ने कहा ‘बात मत करो, कमरे में कोई है। वो मुझे मारने की कोशिश कर रहे हैं।’ बताया जाता है कि पहली बार परवीन ने ऐसा कुछ किया था जिससे महेश बुरी तरह डर गए थे। उन्होंने परवीन का ये रूप पहले कभी नहीं देखा था। इस घटना के बाद से परवीन अक्सर ही ऐसी हरकतें करने लगीं।
डॉक्टरों को दिखाने के कुछ दिन बाद पता चला कि उन्हें सिजोफ्रेनिया नाम की मानसिक बीमारी है। उस समय परवीन कई फिल्में कर रही थीं। उधर, डायरेक्टर्स को फिल्म ठप हो जाने का डर था।तब महेश भट्ट उनका इलाज अच्छे से अच्छे डॉक्टर्स से करवाने लगे। डॉक्टर्स का कहना था कि उन्हें ठीक करने के लिए इलेक्ट्रिक शॉक देने होंगे, लेकिन महेश भट्ट परवीन को इलेक्ट्रिक शॉक देने के सख्त खिलाफ थे। वे किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं चाहते थे।
बताया जाता है कि इस दौरान परवीन के पूर्व प्रेमी कबीर बेदी और डैनी ने भी महेश की मदद की। परवीन के मन में ये डर बैठ गया था कि कोई उन्हें मारना चाहता है। कुछ समय बाद तो परवीन को लगने लगा था कि उनकी कार में बम रखा है, वो एसी की आवाज तक से डर जाती थीं। यहां तक कि अपने को-स्टार अमिताभ बच्चन को भी वो अपने लिए खतरा मानने लगी थीं। परवीन को लगता था कि अमिताभ उन्हें मारना चाहते हैं।
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परवीन की ऐसी स्थिति देखकर उन्हें कमरे में ही बंद रखा जाने लगा। उन्हें मीडिया और पब्लिक की नजरों से दूर रखना पड़ा। इस दौरान परवीन का वजन काफी बढ़ गया था और उन्होंने अपनी खूबसूरती खो दी थी। उधर, डॉक्टरों के पास उन्हें इलेक्ट्रिक शॉक देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। तभी महेश पर भी कई तरह के आरोप लगने लगे। लोगों का कहना था कि महेश ने परवीन का इस्तेमाल किया।
अपने फायदे के लिए परवीन के स्टारडम और रुतबे का इस्तेमाल किया और अब वे उन्हें ठीक नहीं होने देना चाहते।अब तक परवीन की हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी। उन्होंने दवाइयां खाना बंद कर दिया था। परवीन की ऐसी हालत के चलते कई बार महेश को भी खाने और ड्रिंक में दवाई मिलाकर पीना पड़ता था। परवीन के ठीक होने की संभावना बहुत कम थी। तब महेश भट्ट परवीन को मुंबई से दूर बेंगलुरु लेकर चले गए।
महेश परवीन को तनाव से दूर रखना चाहते थे। उन्होंने सोचा कि नया माहौल उन्हें ठीक कर देगा। बाद में महेश परवीन को वहीं छोड़कर अपनी पत्नी लोरेन के पास वापस आ गए। डॉक्टर्स का कहना था कि महेश के रहने से परवीन की हालत ज्यादा खराब रहती है। इसलिए उनका दूर रहना ही बेहतर था। उसी दौरान महेश ने फिल्म ‘अर्थ’ लिखनी शुरू की, जो उनकी जिंदगी की सच्चाई थी। इलाज पूरा होने के बाद परवीन मुंबई वापस आ गईं।
वहीं परवीन के डॉक्टर नहीं चाहते थे कि महेश परवीन के आस-पास भी रहें, लेकिन परवीन महेश को छोड़ने को तैयार नहीं थीं। महेश भी चाहते थे कि उनका इलाज अच्छे से हो। एक रात परवीन ने महेश से कहा कि वो उनमें और उनके डॉक्टर में से किसी एक को चुनें।
महेश भट्ट के अनुसार, ‘परवीन की ये हालत देखकर मैं समझ गया कि अब हमारे रिश्ते का अंत आ गया है।’ महेश आधी रात में ही परवीन के घर से निकल गए। परवीन ने उन्हें रोकना चाहा और आधे कपड़ों में ही वो सड़क पर दौड़ती रहीं, लेकिन महेश नहीं रुके। अब महेश उनके घर और जिंदगी से जा चुके थे।
ऐसे में कहा जाता है कि ग्लैमर की जिंदगी जीने वाली परवीन का आखिरी वक्त अंधेरे, तन्हाई और अवसाद में गुजरा। साल 2005 में परवीन का शव उनके फ्लैट पर पाया गया था।
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