Satluj Controversy: दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को लेकर हुआ विवाद अभी भी शांत नहीं हुआ है. इस विवाद को लेकर रोज कुछ ना कुछ सामने आता ही रहता है. इस बीच अब जी5 की भी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं और भारतीय सरकार OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली फिल्मों के लिए CBFC प्रमाणन को अनिवार्य बनाने पर विचार कर रही है. आइए जानते हैं कि आखिर क्या है पूरा मामला?

सर्टिफिकेशन पर विचार कर रही सरकार

दरअसल, दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' बिना किसी सर्टिफिकेशन के ओटीटी पर स्ट्रीम हुई है. ऐसे में अब केंद्र सरकार ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सीधे रिलीज होने वाली फिल्मों के लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) की मंजूरी को अनिवार्य बनाने पर विचार कर रही है और सख्ती से इस मामले पर गौर कर रही है.

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जी5 की मुश्किलें भी बढ़ सकती है

सूत्रों की मानें तो उन्होंने दावा किया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) या केंद्र सरकार के पास किसी स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से अप्रमाणित फिल्म को हटाने का निर्देश देने का अधिकार है और 'सतलुज' के मामले में ऐसी ही कार्रवाई की गई थी. इसके अलावा सूत्रों का कहना है कि जी5 की भी मुश्किलें बढ़ सकती है.

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सरकार कर रही जांच

सूत्रों ने दावा किया है कि Zee5 के खिलाफ कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है. हालांकि, फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक फैसला नहीं आया है, लेकिन इस पर भी कड़ा एक्शन लिया जा सकता है. इसके अलावा सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार इस बात की भी जांच कर रही है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली सभी फिल्मों के लिए प्रमाणन अनिवार्य किया जाना चाहिए या नहीं.

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सख्त हुई सरकार

इस प्रस्ताव के तहत फिल्म निर्माताओं को स्ट्रीमिंग सेवाओं पर अपनी फिल्में रिलीज करने से पहले सीबीएफसी सर्टिफिकेशन लेना जरूरी होगा. अब देखने वाली बात होगी कि इस मामले में आगे क्या होता है क्योंकि सरकार सख्ती से इस पर विचार कर रही है. भले ही अभी कोई ऑफिशियल फैसला नहीं आया है, लेकिन देखना होगा कि इस पर सरकार क्या फैसला लेगी.

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