संगीत जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है. दक्षिण भारत की मशहूर सिंगर एस. जानकी का 88 साल की उम्र निधन हो गया है. उनके निधन की खबर से संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ पड़ी है और उनके चाहने वाले उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए नजर आ रहे हैं. दरअसल, फैंस उन्हें प्यार से जानकी अम्मा कहा करते थे. दिवंगत एस. जानकी ने संगीत की शुरुआत 20 साल की उम्र में ही कर दी थी. दिग्गज सिंगर ने अपने पूरे करियर में लगभग 48 हजार से ज्यादा गाने गाए हैं. एस. जानकी ने तमिल, कन्नड़, मलयालम, तेलुगु और हिंदी के अलावा करीब 20 भाषाओं में गाना गा चुकी थी.

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कब हुआ था एक. जानकी का निधन

'दक्षिण भारत की कोकिला' कही जाने वाली मशहूर सिंगर एक. जानकी का निधन आज यानी 11 जुलाई 2026 को कर्नाटक के मैसूर स्थित अपोलो अस्पताल में 88 साल की उम्र में निधन हुआ है. बता दें कि एस. जानकी का जन्म 23 अप्रैल 1938 को प्रदेश के मद्रास प्रेसीडेंसी (ब्रिटिश भारत के समय) में गुंटूर जिले में हुआ था. सिंगर के पिता एक आयुर्वेदिक डॉक्टर थे. एस. जानकी ने 9 साल की उम्र में पहली बार स्टेज पर परफॉर्म किया था. जानकी ने बाद में शास्त्रीय संगीत सीखा था. 

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एस. जानकी ने पद्म भूषण लेने से क्यों इंकार किया था?

आपको बता दें कि साल 1957 में एस. जानकी ने तमिल फिल्म 'विधिइन विलायाट्टु' में बतौर प्लेबैक सिंगर अपना करियर का आगाज किया था. साल 2013 में उन्होंने भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित करने का ऐलान किया था. लेकिन उन्होंने यह सम्मान लेने से इंकार कर दिया था. दिवंगत ने कहा था कि वो लंबे समय से इंडियन म्यूजिक के लिए अपना योगदान दे रही है. इसे देखते हुए उन्हें पहले ही यह सम्मान मिल जाना चाहिए था. इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा था कि साउथ भारत के कई आर्टिस्ट को वो सम्मान और पहचान नहीं पाता है, जिसके वो असल हकदार होते हैं.

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