स्टार किड जिसे बचपन में बोला गया 'गे'; पिता को बेचनी पड़ी संपत्ति, आज 1800 करोड़ का मालिक

Karan Johar Parents Sold Their Propery: बॉलीवुड इंडस्ट्री में यूं तो कई स्टारकिड्स हैं जिन्होंने अपने माता-पिता की लेगेसी को आगे बढ़ाया है। लेकिन जिस स्टार किड की हम बात कर रहे हैं उसने फिल्म जगत में डायरेक्टर-प्रोड्यूसर के तौर पर ना ही सिर्फ अपनी एक पहचान बनाई है बल्कि नेट वर्थ के मामले में वो बड़े-बड़े एक्टर्स को भी पीछे छोड़ते हैं। चलिए इस रिपोर्ट में आपको बताते हैं उस स्टार किड के बारे में जिसने अपने बचपन में काफी बुलींग का सामना किया लेकिन बावजूद इसके आज वो इंडस्ट्री में सबसे पावरफुल फिल्ममेकर्स में से एक है।

Karan Johar Parents Sold Their Property

Karan Johar Parents Sold Their Property

Karan Johar Parents Sold Their Property: बॉलीवुड प्रोड्यूसर यश जौहर और हीरू जौहर के घर में 25 मई 1972 को जन्मे करण जौहर आज इंडस्ट्री के सबसे बड़े और पावरफुल फिल्ममेकर्स में से एक हैं। साल 1998 में आई फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ से लेकर बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुई आखिरी फिल्म ‘रॉकी एंड रानी की प्रेम कहानी’ तक, करण जौहर की डायरेक्ट की हुई हर फिल्म ने सिनेमाघरों में रिलीज के साथ ही धमाल मचा दिया। करण जौहर अपने पिता यश जौहर की धर्मा प्रोडक्शन्स को आज काफी अच्छे से मैनेज करते हैं। धर्मा प्रोडक्शन्स इंडस्ट्री में आज एक बड़ा बैनर है।

विज्ञापन

करण जौहर को फेस करनी पड़ी बुलींग

लेकिन एक स्टार किड होने के बाद भी करण जौहर के लिए ये एक आसान सफर नहीं रहा है जैसा कि उन्होंने अपने कई इंटरव्यू में बताया है कि उन्हें अपने बचपन में काफी बुलींग का सामना करना पड़ा। निखिल तनेजा के पॉडकास्ट ‘Be A Man Yaar!’ में पिछले साल, करण ने शेयर किया था कि उनके बचपन में कैसे उन्हें ‘पैंसी’ कहने से उनके मानसिक हेल्थ पर काफी असर पड़ा। उन्होंने कहा ‘आज जो आप गे, फैग, या होमो कहते हैं, वो उस समय में ‘पैंसी’ कहा जाता था और वो एक ऐसा शब्द था जिसने सचमुच मुझे एक सदमे में डाल दिया था।’

विज्ञापन

करण जौहर के पिता को बेचनी पड़ी संपत्ति

हाल ही में एक इंटरव्यू में करण जौहर ने अपने संघर्ष भरे बचपन को याद दिया। उन्होंने कहा कि कैसे उनके पिता को अपनी सारी संपत्ति बेचनी पड़ी और उनकी मां को गहने बेचने पड़े। जब धर्मा प्रोडक्शन्स की पहली कुछ फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से पिट गईं तब कैसे उनके घर में खाने के लाले पड़ गए थे।
करण जौहर ने याद किया कि दोस्ताना जो हिट होने वाली धर्मा की पहली फिल्म बनी। उसके बाद उनके पापा की 5 फिल्में लगातार बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गईं। उन्होंने बताया कि फिल्में बनाने के लिए हम ब्याज पर निवेशकों से पैसे लेते थे और जब एक फिल्म पिट गई तो उनकी मां हीरू जौहर ने उनकी नानी का दिया एक फ्लैट बेच दिया। वहीं एक और फिल्म के फ्लॉप होने के बाद उनकी मां को अपने गहने बेचने पड़े। करण जौहर ने कहा कि जब गहनों से भी काम नहीं बना तो उनके पापा को दिल्ली वाली प्रोपर्टी को भी बेचना पड़ा।

विज्ञापन

पिता को याद कर इमोशनल हुए करण

आपको बता दें साल 1980 में धर्मा की पहली हिट फिल्म ‘दोस्ताना’ के बाद उनकी अगली हिट फिल्म 1998 में करण जौहर के ही निर्देशन में आई। फिल्म का नाम था ‘कुछ कुछ होता है’। करण ने उस वक्त को याद करते हुए कहा कि ‘मेरी पहली, दूसरी और तीसरी फिल्म हिट साबित हुई लेकिन उसके बाद मेरे पिता का निधन हो गया। मुझे गर्व है कि मैंने अपने पिताजी के सपने को पूरा कर पाया।’

करण जौहर की नेट वर्थ

आपको बता दें धर्मा प्रोडक्शंस और करण के शो ‘कॉफी विद करण’ के चलते नेट वर्थ लगभग 1800 करोड़ रुपये है। निर्देशक ने इसी साल अपने जन्मदिन पर अपनी आठवीं डायरोक्टोरियल फिल्म का ऐलान किया है।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Himanshu Soni

Himanshu Soni

हिमांशु सोनी न्यूज 24 में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। एक एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट के तौर पर टीवी, फिल्म जगत और ओटीटी की कोई खबर हिमांशु की पैनी नजरों से बच नहीं पाती। हिमांशु की एंटरटेनमेंट के अलावा स्पोर्ट्स की खबरों पर भी अच्छी पकड़ है। हिमांशु पिछले 5 साल से मीडिया में हैं। इस दौरान हिमांशु ने नेटवर्क 18 ग्रुप, इंडिया टुडे ग्रुप डिजिटल (ITGD), टीवी 9 ग्रुप जैसे बड़े-बड़े मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। हिमांशु ने डिजीटल पर एंकर और कंटेंट राइटर की भूमिका निभाई है। हिमांशु हरियाणा के यमुनानगर के रहने वाले हैं। इंजीनियरिंग के छात्र रह चुके हिमांशु हिन्दी पत्रकारिता में मास्टर्स और पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान यूनिवर्सिटी के सिल्वर मेडलिस्ट हैं।
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ