दोस्ती, शादी और मर्डर... एक ऐसे Chhal Kapat की कहानी, जो झूठ बनकर भी कह रहा सच

श्रेया पिलगांवकर की सीरीज ‘छल-कपट’, जी5 पर आ चुकी है। दोस्ती, प्यार, सुसाइड और मर्डर की इस कहानी में कई वो पहलू है, जो आपको सीरीज से बांधकर रखेंगे। इसे देखने से पहले आप इसके बारे में यहां कई चीजें जान सकते हैं।

Chhal Kapat

श्रेया पिलगांवकर की सीरीज 'छल-कपट'। image credit- instagram

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कहते हैं कि दोस्ती से बढ़कर कोई रिश्ता नहीं होता… कलियुग है जनाब, कुछ भी हो सकता है। दोस्ती का खून भी… अब सवाल ये है कि इस ‘छल-कपट’ में सभी दोषी हैं या फिर कोई एक अपना उल्लू सीधा करने के लिए सबका फायदा उठा रहा है। श्रेया पिलगांवकर की सीरीज ‘छल-कपट’, जी5 पर आ चुकी है। अगर आप भी इसे देखना चाहते हैं और इसके पहले इसके बारे में जानना चाहते हैं, तो आप सही जगह पर हैं। आइए आपको बताते हैं कि आखिर क्या है ये कहानी?

शादी से पहले शालू की मौत

शादी का वो घर जहां पर सभी अपनी दोस्त की शादी में शामिल होते हैं… यानी एलिशा और जुगल… दोनों की शादी होने वाली है और इस शादी का हिस्सा कई लोग बने हैं, लेकिन इसमें एक नाम है, जो बहुत पॉपुलर है और वो हैं शालू। शालू यानी एक पॉपुलर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर। शालू एक फाइटर होती है और अपने दम पर सब करना जानती है, लेकिन एलिशा और जुगल की शादी से पहले शालू की मौत हो जाती है और असली ‘छल-कपट’ यही से शुरू होता है।

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देविका राठौड़ की भी अपनी कहानी

शालू की मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने आती हैं, एसपी देविका राठौड़ यानी श्रेया पिलगांवकर। देविका राठौड़ बेहद सूझ-बूझ से हर एक कड़ी को जोड़ने की कोशिश करती है, लेकिन अपराधी तक नहीं पहुंच पाती है। देविका के शक के घेरे में हर एक वो शख्स था, जो एलिशा और जुगल की शादी में आया था। हालांकि, देविका हार नहीं मानती हैं और अपना काम जारी रखती है। वैसे तो देविका एक बहादुर पुलिस अफसर है, लेकिन उनकी भी अपनी एक कहानी है।

मर्डर को सुसाइड का नाम

शालू की मौत को पहले सुसाइड का नाम दिया जाता है, लेकिन देविका राठौड़ कलियुग के इस ‘छल-कपट’ को अच्छे से भाप लेती हैं और अपनी जांच जारी रखती है। कभी दोस्ती पर सवाल उठे, तो कभी प्यार पर, कभी भरोसा टूटा, तो कभी दिल… श्रेया पिलगांवकर की ‘छल-कपट’ की कहानी भले ही तेजी से भागती है, लेकिन इस सीरीज में हर एक चीज दिखाई गई है।

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कलियुग का ‘छल-कपट’

‘छल-कपट’ होता है, जहां दोस्ती जैसे पाक रिश्ते का भी खून हो जाता है। कहानी भले ही दोस्तों की है, लेकिन दुख और जलन एक बीवी की है, जो अपने पति के साथ किसी दूसरी औरत को बर्दाश्त नहीं कर सकती, फिर चाहे वो उसकी दोस्त ही क्यों ना हो? दोस्ती के खून, बीवी की जलन और मर्डर को सुसाइड का नाम देने वाली इस कहानी को एक बार देखना तो बनता है क्योंकि ये कलियुग का ‘छल-कपट’ है।

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