Mamta Kulkarni on Doing Films Again: बॉलीवुड की फेमस एक्ट्रेस ममता कुलकर्णी ने फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा कहकर शुक्रवार को एक हैरान कर देने वाला कदम उठाया। अब ममता साध्वी बन चुकी हैं।उन्होंने महा कुम्भ के दौरान संन्यास ले लिया और संगम में पिंडदान की प्रक्रिया पूरी की। इस मौके पर किन्नर अखाड़े के सदस्यों की मौजूदगी में ममता ने इस पूरे प्रोसेस को अंजाम दिया। अब ममता ने बताया है कि क्या वो फिर से फिल्मों का रुख करेंगी, चलिए आपको बताते हैं एक्ट्रेस ने क्या कहा।
एक्टिंग में लौटेंगी ममता कुलकर्णी?
ममता ने इंडिया टुडे से बातचीत में ये बताया कि क्या वो फिर कभी फिल्मों में वापसी करेंगी। ममता ने कहा, ‘अब मुझे फिल्मों का विचार भी नहीं आता। मेरे लिए ये बिल्कुल असंभव है। किन्नर अखाड़ा भगवान शिव और माता पार्वती के अर्धनारीश्वर रूप का प्रतीक है। इस अखाड़े का महामंडलेश्वर बनना मेरे आध्यात्मिक सफर का एक अहम चरण है, जो 23 साल की साधना के बाद मुझे प्राप्त हुआ है। ये सब आदिशक्ति के आशीर्वाद से संभव हुआ है।’
ममता ने अपने आध्यात्मिक सफर के बारे में बात करते हुए कहा, ‘जीवन में हर चीज की जरूरत होती है, मनोरंजन भी शामिल है लेकिन आध्यात्मिकता ऐसी चीज है, जो सिर्फ किस्मत से मिलती है। सिद्धार्थ ने भी अपनी जिंदगी का हर पहलू देखा और फिर उसे बदलने का फैसला लिया।’
ममता ने संन्यास क्यों लिया?
इससे पहले ममता ने ANI से बातचीत में भी अपने फैसले के बारे में बताया था। उन्होंने कहा, ‘ये महादेव और महाकाली की इच्छा थी, मेरे गुरु की भी यही आज्ञा थी। इसी दिन को चुना गया, मैं तो बस पालन करती हूं।’ ममता ने आचार्य महामंडलेश्वर डॉ लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी से आशीर्वाद प्राप्त किया और इसके साथ ही उनके आध्यात्मिक सफर की शुरुआत हुई। पारंपरिक ताजपोशी समारोह में उन्हें किन्नर अखाड़ा का महामंडलेश्वर घोषित किया गया और नया नाम ‘श्री यमाई ममता नंद गिरि’ दिया गया।
‘करण-अर्जुन’ जैसी हिट फिल्म का हिस्सा
फिल्मों में अपने अभिनय के लिए जानी जाने वालीं ममता कुलकर्णी दिसंबर 2024 में सालों बाद मुंबई वापस लौटी थीं। ‘करण अर्जुन’ जैसी हिट फिल्मों में सलमान खान के साथ उनकी जोड़ी को काफी पसंद किया गया था। उन्होंने 1996 में भारत और बॉलीवुड को छोड़ दिया था और आध्यात्मिकता की ओर रुख किया था। उन्होंने गुरु गगन गिरी महाराज को अपनी प्रेरणा का स्रोत बताया, जिनके मार्गदर्शन में उन्होंने 12 साल की तपस्या और ब्रह्मचर्य का पालन किया।