Education Department Decision:बिहार सरकार ने उन सभी छात्रों की समस्याओं को बढ़ा दिया है। जो स्कूल में एडमिशन तो ले लेते हैं पर पढ़ाई करने कभी स्कूल नहीं पहुंचते हैं। इसपर शिक्षा विभाग ने बेहद ही अहम फैसला लिया है।

शिक्षा विभाग का फैसला

शिक्षा विभाग ने मंगलवार को पत्र जारी करते हुए निर्देश दिए है की जिन छात्रों की उपस्थिति स्कूलों में 50 प्रतिशत से कम होती है, उनका नामांकन स्कूल से रद्द कर दिया जायेगा। शिक्षा विभाग का निर्देश है कि 75 फीसदी छात्र-छात्राओं कि क्लास में उपस्थिति अनिवार्य है।

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भागलपुर स्कूल ने काटे छात्रों के नाम

जहां भागलपुर के एक स्कूल से लगभग 15000 छात्रों का नाम काट दिया गया है। बिहार सरकार ने उन सभी छात्रों की समस्याओं को बढ़ा दिया है। जिसमें छात्र- छात्राएं शामिल है।

75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य

शिक्षा विभाग ने मंगलवार को पत्र जारी करते हुए निर्देश दिए है कि जिन छात्रों की उपस्थिति स्कूलों में 50 प्रतिशत से कम होती है, उनका नामांकन स्कूल से रद्द कर दिया जायेगा। शिक्षा विभाग का निर्देश है कि 75 फीसदी छात्र-छात्राओं कि क्लास में उपस्थिति अनिवार्य है।

स्कूल न जाने से होता है छात्रों का नुकसान

  1. अगर बच्चा एक दिन भी स्कूल नहीं जाए तो वो क्लास में पढ़ाए गए विषयों को नहीं समझ पाएंगें।
  2. जिंदगी में अनुशासन की कमी आना।
  3. एक्स्ट्रा-करीकुलर रिकॉर्ड में कमी आना।
  4. नई चीज़े सीखने का सुनहरा मौका गंवाना।
  5. सोशल लाइफ नहीं बन पाती ।

 

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