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शिक्षा

देशभर में शुरू होगा टीचर एजुकेशन प्रोग्राम: योग, परफॉर्मिंग आर्ट और संस्कृत में भी बनेगा टीचिंग करियर

NCTE जल्द ही पूरे देश में योग, संस्कृत और कला जैसे विषयों में टीचर ट्रेनिंग कोर्स शुरू करने जा रहा है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत नए, योग्य और इनोवेटिव टीचर्स को तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम है।

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Edited By : News24 हिंदी Updated: Apr 29, 2025 11:29
integrated teacher education program

नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) के अध्यक्ष प्रो. पंकज अरोड़ा ने सोमवार को घोषणा की कि जल्द ही देशभर में इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) शुरू किया जाएगा। यह कार्यक्रम खासतौर पर योग, प्रदर्शन कला (Performing Arts), दृश्य कला (Visual Arts) और संस्कृत जैसे विषयों के शिक्षकों को ट्रेंड करने के लिए होगा।

उन्होंने कहा कि NCTE का मुख्य उद्देश्य ऐसे योग्य और सक्षम शिक्षक तैयार करना है, जो छात्रों के समग्र विकास (Holistic Development) में मदद कर सकें।

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ITEP के अंतर्गत शुरू होंगे नए कोर्स:

– योग टीचर ट्रेनिंग

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– फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर कोर्स

– परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट टीचर कोर्स

– संस्कृत लैंग्वेज टीचर कोर्स

शिक्षा में बदलाव की ओर नए कदम:
चार साल के BA, B.Ed कोर्स के बाद अब एक साल का B.Ed कोर्स भी शुरू होगा, जिससे चार साल की डिग्री के बाद छात्र एक साल में B.Ed कर सकेंगे। एक साल का M.Ed प्रोग्राम भी शुरू किया जाएगा। CBSE और SCERT स्कूलों के शिक्षकों के लिए पार्ट टाइम MA कोर्स शुरू करने की भी योजना है।

प्रो. अरोड़ा “विक्षित भारत 2047 की दिशा में टीचर एजुकेशन में परिवर्तन” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 2025 में बोल रहे थे, जो कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में शुरू हुआ है। यह आयोजन NCTE, हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है।

राज्यपाल दत्तात्रेय ने क्या कहा?
हरियाणा के राज्यपाल और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बंडारू दत्तात्रेय ने इस कार्यक्रम के उद्घाटन पर कहा, “युवाओं को नौकरी चाहने वालE नहीं, नौकरी देने वाला बनना चाहिए। शिक्षक सिर्फ ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि चरित्र निर्माता भी होता है। शिक्षक ही छात्रों के भविष्य को दिशा देता है, उनमें नवाचार और सेवा की भावना जगाता है।

राज्यपाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) की सराहना की, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शिता का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि यह नीति समावेशी, बहुविषयक, गुणवत्ता युक्त और वैश्विक स्तर की शिक्षा को बढ़ावा देती है।

अन्य वक्ताओं की बातें:
प्रो. कैलाश चंदर शर्मा (चेयरमैन, हरियाणा उच्च शिक्षा परिषद) ने कहा कि NEP 2020 का उद्देश्य ऐसे युवाओं को तैयार करना है जो स्वावलंबी, रचनात्मक और तर्कशील हों और जिनमें मानवीय मूल्य और कौशल हों।

प्रो. सोम नाथ सचदेवा (कुलपति, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय) ने बताया कि विश्वविद्यालय ने NEP के कई प्रावधानों को UG और PG कोर्सों में लागू किया है और इसे NAAC से A++ ग्रेड भी मिला है।

इस सम्मेलन में 9 राज्यों के प्रतिनिधि, निदेशक और शिक्षा अधिकारी भाग ले रहे हैं। इसमें ब्रेनस्टॉर्मिंग सेशन भी होंगे, जिनका उद्देश्य “विकसित भारत” का सपना साकार करना है।

NCTE का लक्ष्य क्या है?
NCTE पूरे देश में NEP को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। इसका उद्देश्य ऐसे शिक्षक और छात्र तैयार करना है जो रोजगार पाने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें।

First published on: Apr 29, 2025 11:29 AM

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