सीबीएसई 12वीं के नतीजे आने के बाद छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं में मार्किंग के हेर-फेर और कटौती विवाद के बाद सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. शिक्षा मंत्रालय की तरफ से सीबीएसई के अध्यक्ष और सचिव का तबादला कर दिया गया है. इसके साथ ही सीबीएसई द्वारा ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सेवाओं की खरीद की जांच के लिए एक जांच समिति का गठन किया गया है. ऑन-स्क्रीन मार्किंग मामले की जांच राधा चौहान करेंगी. सूत्रों के हवाले से ऐसी भी खबरें सामने आ रही हैं कि सीबीएसई OSM मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी सीधी नजर है.

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CBSE सेवाओं पर उठे गंभीर सवाल


सरकारी सूत्रों के मुताबिक, यह कदम उन विवादों के बाद उठाया गया है जिनमें सीबीएसई की उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन प्रक्रिया और रिजल्ट के बाद की सेवाओं पर गंभीर सवाल उठे थे. छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों में व्यापक असंतोष फैला हुआ था. ट्रांसफर से पहले आईएएस अधिकारी राहुल सिंह को बोर्ड के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. वहीं आईएएस अधिकारी और सीबीएसई बोर्ड के सेक्रेटरी हिमांशु गुप्ता प्रशासन, वित्त और मान्यता जैसे महत्वपूर्ण विभागों का नेतृत्व कर रहे थे और बोर्ड के दैनिक संचालन में प्रमुख भूमिका निभा रहे थे.

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जांच समिति गठित


सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति गठित की है, जिसका नेतृत्व एस राधा चौहान करेंगी. समिति OSM सेवाओं की खरीद प्रक्रिया की विस्तृत जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट शीघ्र सरकार को सौंपेगी. सूत्र बताते हैं कि समिति विशेष रूप से यह देखेगी कि ठेका किस आधार पर किस कंपनी को दिया गया, क्या सभी प्रक्रियाएं सही तरीके से अपनाई गईं और क्या कोई अनियमितता तो नहीं बरती गई. यह पूरा विवाद सीबीएसई कक्षा 10वीं और 12वीं के रिजल्ट घोषित होने के बाद तब शुरू हुआ जब छात्रों ने स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं देखने में दिक्कतें बताईं.

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