Inspirational Story: ऐसे कई लोग हैं जो संघर्ष के बल पर शून्य से शिखर पर पहुंचे। साइबर सिक्योरिटी कंपनी Zscaler के फाउंडर जय चौधरी भी उन्हीं में से एक हैं। हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से गांव से आने वाले जय आज अमेरिका के सबसे अमीर भारतीयों में शुमार हैं। उनकी सक्सेस स्टोरी सभी को प्रेरित करती है। जय चौधरी के पास आज 10 अरब डॉलर से ज्यादा की संपत्ति है, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब उनके घर का गुजारा मुश्किल से चल पाता था।
पेड़ के नीचे करते थे पढ़ाई
जय चौधरी का बचपन हिमाचल प्रदेश के गांव पनोह में बीता। उस समय इस गांव में बिजली नहीं थी और पीने के लिए साफ पानी भी मुश्किल से मिलता था। एक छोटे किसान परिवार में जन्मे जय को बचपन से ही पढ़ाई का शौक था। वह पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ा करते थे और पास के गांव में स्थित स्कूल जाने के लिए हर रोज 4 किलोमीटर पैदल चला करते थे। वह जानते थे कि सफलता के लिए पढ़ाई कितनी जरूरी है।
1980 में गए अमेरिका
गांव से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद चौधरी ने IIT वाराणसी (जिसे अब IIT-BHU के नाम से जाना जाता है) से इलेक्ट्रॉनिक्स में डिग्री हासिल की। आगे की पढ़ाई के लिए वह 1980 में वह अमेरिका चले गए। यहां उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ सिनसिनाटी से इंजीनियरिंग और मार्केटिंग में मास्टर डिग्री हासिल की। बाद में हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से एक एग्जीक्यूटिव प्रोग्राम पूरा किया।
शुरू किया बिजनेस
चौधरी का उद्यमशीलता का सफर 1996 में शुरू हुआ। जय चौधरी और उनकी पत्नी ज्योति ने अपनी नौकरियां छोड़ दीं। अपनी जीवनभर की बचत से दोनों ने साइबर सुरक्षा स्टार्टअप SecureIT शुरू किया। इसके बाद उन्होंने एयरडिफेंस और सिफर ट्रस्ट जैसे कई अन्य सफल वेंचर स्थापित किए।
ग्लोबल लीडर है कंपनी
2007 में, उन्होंने Zscaler की शुरुआत की, जो बड़ी हिट साबित हुई। क्लाउड सिक्योरिटी सॉल्यूशन में विशेषज्ञता वाली यह कंपनी आज ग्लोबल लीडर है और फॉर्च्यून 500 कंपनियों को भी सेवा प्रदान करती है। चौधरी के विजन ने साइबर खतरों के खिलाफ लड़ाई में Zscaler को एक प्रमुख कंपनी में बदल दिया है। आज उनके पास 10 अरब डॉलर (करीब 8,64,80,72,73 रुपये) से अधिक की संपत्ति है। सफलता के शिखर पर बैठे चौधरी अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को भी बखूबी समझते हैं। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और अन्य क्षेत्रों में लाखों डॉलर दान किए हैं।