Business News: टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन-आइडिया (Vodafone-Idea) के शेयर आज फोकस में रहे। बाजार खुलने के बाद से ही इनमें तूफानी तेजी दिखाई दी, जो कारोबार की समाप्ति तक कायम रही। अंत में कंपनी के शेयर 9.18 फीसदी की बढ़त के साथ 7.61 रुपये पर बंद हुए। वोडाफोन-आइडिया के शेयरों में इस तेजी की वजह सरकार का दूरसंचार कंपनियों के लिए बैंक गारंटी माफ करने का फैसला है। सभी टेलीकॉम कंपनियों के मुकाबले वोडाफोन-आइडिया पर बैंक गारंटी का सबसे अधिक बोझ है। कंपनी पर बैंक गारंटी की कुल रकम 24700 करोड़ रुपये है। ऐसे में यह छूट उसके लिए किसी वरदान की तरह है। यही वजह है कि कंपनी के शेयर रॉकेट बन रहे हैं।
ऐसा रहा है शेयर्स का हाल
वोडाफोन-आइडिया के शेयरों में आई इस तेजी के बाद यह सवाल लाजिमी है कि क्या कंपनी पर दांव लगाने का सही समय आ गया है? इस सवाल का जवाब जानने से पहले कंपनी के स्टॉक मार्केट में अब तक के प्रदर्शन पर एक नज़र डाल लेते हैं। कंपनी के लिए यह साल खास अच्छा नहीं रहा है। बीते कुछ दिन छोड़ दें तो लगभग पूरे साल उसका शेयर लाल निशान के आसपास रहा है। पिछले छह महीनों में इसमें 49.44 फीसदी और इस साल अब तक 55.24 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। इसका 52 वीक का हाई लेवल 19.18 रुपये रहा है, जिससे यह फिलहाल काफी नीचे कारोबार कर रहा है।
Nomura को है विश्वास
अब अपने मूल सवाल पर वापस लौटते हैं। कंपनी की वित्तीय स्थिति खास अच्छी नहीं है। उसे अपनी सेवाओं के विस्तार के लिए बड़े पैमाने पर पैसा चाहिए। बैंक गारंटी माफ होने से वोडाफोन-आइडिया को फायदा जरूर हुआ है, लेकिन उसकी जरूरतें इस फायदे से काफी बड़ी हैं। ऐसे में कंपनी को लगातार फंड का इंतजाम करना होगा। वह पहले से ही कर्ज के बोझ तले दबी हुई है। यहां देखें तो वोडाफोन-आइडिया के शेयर कितनी दूर तक जाएंगे, कहना मुश्किल है? हालांकि विदेशी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा को वोडाफोन-आइडिया पर भरोसा है। हाल ही में फर्म ने Voda के शेयर के लिए 14 रुपये का टारगेट प्राइस देते हुए इसे खरीदने की सलाह दी है।
वापस लौटेंगे सब्सक्राइबर्स!
पिछले कुछ समय में कंपनी ने बड़े पैमाने पर सब्सक्राइबर्स खोए हैं, लेकिन Nomura का मानना है कि वित्त वर्ष 2026 से उसके सब्सक्राइबर्स की संख्या घटने की रफ्तार सुस्त पड़ेगी और अगले साल से इसमें इजाफा शुरू हो सकता है। दरअसल कंपनी अपने 4G नेटवर्क का दायरा बढ़ा रही है। इसके साथ ही 5G सेवाओं में भी निवेश कर रही है। इसके चलते कंपनी से दूर गए ग्राहक वापस लौट सकते हैं। कंपनी ने हाल ही में अपने टैरिफ में भी बढ़ोतरी की थी, जिसका असर उसके रेवेन्यू पर पड़ेगा। एक अच्छी बात यह है कि वोडा-आइडिया के घाटे में कमी आई है। चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही के नतीजे बताते हैं कि उसका घाटा पिछले साल की तुलना में कम हुआ है।