UPI Charges Truth: क्या अब गूगल पे और फोनपे करने पर कटेगा पैसा? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताई पूरी सच्चाई
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अगर आप भी दुकानों, फल-सब्जी के ठेलों या बड़े मॉल्स में ऑनलाइन पेमेंट के लिए UPI जैसे कि गूगल पे, फोनपे, पेटीएम का इस्तेमाल करते हैं, तो पिछले कुछ दिनों से तैर रही यूपीआई पर चार्ज लगने की खबरों से आपका परेशान होना स्वाभाविक है.
लेकिन इस पूरे मामले पर देश की वित्त मंत्री नर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है. विपक्ष के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए उन्होंने साफ कहा है कि UPI ट्रांजेक्शन पर ग्राहकों से एक भी रुपया अतिरिक्त नहीं लिया जाएगा. यह कोई टैक्स या सेस नहीं है और आम जनता पर इसका कोई बोझ नहीं पड़ेगा.
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#WATCH | Chandigarh: On AAP government allegations of discrimination against Punjab state over funds from the Centre, Union Finance Minister Nirmala Sitharaman says, "No state is treated in a manner that causes it loss or forces it to suffer undue hardship. I can stand anywhere… pic.twitter.com/gpkuXzkaLD
वित्त मंत्री ने संसद से लेकर मीडिया तक यह बात दोहराई है कि विपक्ष इस मुद्दे पर सिर्फ भ्रम फैलाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने इस पूरे गणित को बेहद सरल शब्दों में समझाया. MDR क्या है? यह Merchant Discount Rate है, जो सर्विस प्रोवाइडर्स जैसे बैंक और पेमेंट ऐप आपस में सिस्टम को बेहतर बनाने और बेहतर सर्विस देने के लिए तय करते हैं. यह सरकार का कोई टैक्स या सेस (Cess) नहीं है, इसलिए इसका पैसा सरकार के खजाने (Consolidated Fund of India) में नहीं जाता है.
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यह चार्ज ऑपरेटर्स और मर्चेंट्स (व्यापारियों) के बीच का मामला है. इसका बोझ किसी भी स्थिति में आम उपभोक्ता पर पास नहीं किया जाएगा.
NPCI का नया नियम: किस पर लगेगा और किस पर नहीं? नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने हाल ही में नया MDR फ्रेमवर्क पेश किया है. जिसके मुताबिक 2000 तक के छोटे लेन-देन पूरी तरह से मुफ्त रहेंगे, इन पर कोई चार्ज नहीं लगेगा. 2000 रुपये से अधिक के Person-to-Merchant (P2M) ट्रांजेक्शन यानी कस्टमर से दुकानदार पर 0.4% का MDR लागू होगा, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये तय की गई है.
देश में होने वाले करीब 96% P2M ट्रांजेक्शन 2000 रुपये से कम के होते हैं, इसलिए आम जनता और छोटे दुकानदारों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा.
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तो अगली बार जब आप चाय की टपरी से लेकर बड़े स्टोर तक QR कोड स्कैन करके पेमेंट करें, तो बेझिझक करें. UPI आपके लिए बिल्कुल फ्री था और आगे भी फ्री ही रहेगा.