UP New Excise Policy: उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने साल 2026-27 के लिए नई आबकारी नीति पर मुहर लगा दी है. सरकार ने इस बार आबकारी विभाग के लिए 71,278 करोड़ रुपये के राजस्व का भारी-भरकम लक्ष्य रखा है. राजस्व बढ़ाने के चक्कर में सरकार ने शराब की दुकानों की लाइसेंस फीस और कोटे में बढ़ोतरी की है, जिसका सीधा असर अब आम आदमी की जेब पर पड़ेगा. अगर आप जानना चाहते हैं कि आपकी पसंदीदा ब्रांड की बोतल कितनी महंगी होने वाली है, तो नीचे दी गई डिटेल्स को ध्यान से पढ़ें.

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कब से लागू होंगी नई दरें? (Implementation Date)

उत्तर प्रदेश की यह नई आबकारी नीति 1 अप्रैल 2026 से पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगी. यानी 31 मार्च तक पुराने रेट्स रहेंगे, लेकिन नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही नई कीमतें प्रभावी हो जाएंगी.

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कितनी महंगी होगी शराब? (Price Hike Details)
नई नीति के तहत देसी और अंग्रेजी शराब, दोनों की कीमतों में इजाफा किया गया है:

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देसी शराब (Country Liquor): इसकी कीमतों में 5 से 8 रुपये प्रति बोतल की बढ़ोतरी की गई है. उदाहरण के लिए, 36% तीव्रता वाली देसी शराब जो पहले 165 रुपये में मिलती थी, अब 173 रुपये में मिलेगी.

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अंग्रेजी शराब (IMFL): ब्रांड के आधार पर अंग्रेजी शराब की कीमतों में 10 से 40 रुपये प्रति बोतल तक का इजाफा हो सकता है.

बीयर (Beer): बीयर की लाइसेंस फीस और ड्यूटी में भी करीब 7.5% की बढ़ोतरी की गई है, जिससे कैन और बोतल की कीमतों में उछाल आएगा.

बच्चा बोतल की एंट्री (New 100ml Pack)
सरकार ने पहली बार बाजार में 100ml की छोटी बोतल पेश करने का फैसला किया है, जिसे बोलचाल की भाषा में बच्चा कहा जा रहा है. 42.8% तीव्रता वाली इस मिनी बोतल की कीमत 50 रुपये तय की गई है. यह कदम अवैध शराब की बिक्री रोकने और कम मात्रा चाहने वाले उपभोक्ताओं के लिए उठाया गया है.

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लाइसेंस फीस में 7.5% की बढ़ोतरी
शराब की दुकानों, मॉडल शॉप्स और भांग की दुकानों की लाइसेंस फीस में 7.5% से 10% तक की वृद्धि की गई है. दुकानदारों को अब ज्यादा मिनिमम गारंटीड रेवेन्यू (MGR) देना होगा, जिसकी भरपाई वे ग्राहकों से कीमत बढ़ाकर करेंगे.

दुकानों का आवंटन अब ई-लॉटरी से
पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने दुकानों के आवंटन के लिए ई-लॉटरी (e-Lottery) सिस्टम को अनिवार्य कर दिया है. साथ ही, शहरी इलाकों में शराब की दुकानों का कोटा तर्कसंगत बनाया गया है ताकि भीड़भाड़ वाले इलाकों में अनियंत्रित विस्तार न हो.

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बता दें यूपी सरकार की इस नई नीति का मकसद शराब से होने वाली आय को बढ़ाना और तस्करी पर लगाम लगाना है. 1 अप्रैल से शराब पीना पहले के मुकाबले महंगा हो जाएगा. शराब व्यापारियों के लिए भी राहत की बात यह है कि दुकानों के नवीनीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है.