RBI New Rule : किसानों के लिए खुशखबरी! KCC के नियमों में होने जा रहे 5 बड़े बदलाव, जानें कैसे होगा फायदा

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के करोड़ों किसानों को बड़ी सौगात देते हुए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के नियमों में बड़े बदलावों का ड्राफ्ट पेश किया है. फरवरी 2026 की मौद्रिक नीति के बाद आए इन प्रस्तावित नियमों का उद्देश्य खेती के लिए लोन लेना और भी आसान और तकनीक से जोड़ना है.

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खेती-किसानी के लिए सबसे मददगार माने जाने वाले किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) को लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने नए मास्टर डायरेक्शन का ड्राफ्ट जारी किया है. इन नए नियमों के लागू होने के बाद किसानों को न केवल ज्यादा लोन मिलेगा, बल्कि उसे चुकाने की समय सीमा में भी राहत दी जाएगी. अगर आप एक किसान हैं या KCC का इस्तेमाल करते हैं, तो 15 फरवरी के बाद चर्चा में आए इन 5 बड़े बदलावों को आपको जरूर जान लेना चाहिए.

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6 साल की होगी कार्ड की वैधता (Extended Tenure)

अब तक किसान क्रेडिट कार्ड आमतौर पर 5 साल के लिए जारी किया जाता था, जिसके बाद इसे रिन्यू कराने की लंबी प्रक्रिया होती थी. आरबीआई ने प्रस्ताव दिया है कि अब KCC की कुल अवधि 6 साल कर दी जाए. इससे किसानों को बार-बार बैंक के चक्कर काटने और कागजी कार्रवाई से मुक्ति मिलेगी.

फसल के हिसाब से तय होगा ‘रीपेमेंट’ (Standardized Crop Seasons)
आरबीआई ने लोन चुकाने के नियमों को फसल के चक्र (Cycle) से जोड़ दिया है:

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छोटी अवधि की फसलें: इनके लिए 12 महीने का चक्र तय किया गया है.

लंबी अवधि की फसलें: इनके लिए 18 महीने का चक्र तय किया गया है.
इससे किसानों पर उस समय लोन चुकाने का दबाव नहीं होगा जब उनकी फसल बाजार में बिकने के लिए तैयार न हो.

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लोन की सीमा में बढ़ोतरी (Revised Drawing Limits)
बजट 2026 के संकेतों के बाद अब लोन की लिमिट को भी संशोधित किया जा रहा है. अब ड्राइंग लिमिट को सीधे ‘स्केल ऑफ फाइनेंस’ (SoF) से जोड़ा जाएगा. इसका मतलब है कि खेती की लागत (जैसे बीज, खाद, मजदूरी) जितनी बढ़ेगी, उसी अनुपात में किसान की लोन लेने की क्षमता भी बढ़ जाएगी.

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डिजिटल पेमेंट और e-Rupee का इस्तेमाल
अब KCC सिर्फ एक प्लास्टिक कार्ड नहीं रहेगा. आरबीआई ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे KCC को UPI और CBDC (e-Rupee) से जोड़ें. अब किसान सीधे मंडियों में बीज या खाद खरीदते समय अपने फोन से पेमेंट कर सकेंगे. इससे नकदी रखने का जोखिम खत्म होगा और ट्रांजैक्शन पारदर्शी बनेगा.

मॉडर्न फार्मिंग के लिए भी मिलेगा पैसा
पहली बार KCC के दायरे को बढ़ाकर इसमें तकनीक को भी शामिल किया गया है. अब किसान निम्नलिखित कामों के लिए भी लोन का हिस्सा इस्तेमाल कर पाएंगे:

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  • मिट्टी की जांच (Soil Testing)
  • ड्रोन और स्मार्ट सिंचाई प्रणाली
  • जैविक खेती का सर्टिफिकेशन
  • रियल-टाइम मौसम पूर्वानुमान सेवाएं

ब्याज दर में क्या बदलाव है?
अच्छी बात यह है कि ब्याज दर के पुराने फायदे जारी रहेंगे. 5 लाख रुपये तक के लोन पर 7% की रियायती ब्याज दर लागू होगी. यदि किसान समय पर पैसा चुका देता है, तो उसे 3% की अतिरिक्त छूट मिलेगी, जिससे प्रभावी ब्याज दर मात्र 4% रह जाएगी.

आरबीआई के ये नए नियम 6 मार्च 2026 तक फीडबैक के लिए खुले हैं, जिसके बाद इन्हें अंतिम रूप से लागू कर दिया जाएगा. ये बदलाव भारतीय खेती को आधुनिक बनाने और किसानों को साहूकारों के चंगुल से बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होंगे.

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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