Nikhil Kamath Makhana Post: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश कर दिया। इस दौरान अपने बजट भाषण में निर्मला सीतारमण ने बिहार में मखाना बोर्ड गठित करने का ऐलान किया, ताकि राज्य के फल-फूल रहे उद्योग को मदद मिल सके। इस घोषणा ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है। सोशल मीडिया पर अब अरबपति उद्योगपति निखिल कामथ की एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है। इस पोस्ट को कामथ ने बजट से कुछ दिन पहले (17 जनवरी) पोस्ट किया था, जिसमें इस सुपर फूड की अपार संभावनाओं के बारे में उल्लेख किया था।
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कामथ ने संभावना जताई थी कि अगर योजना बनाई जाए तो यह उद्योग 6 हजार करोड़ का टर्नओवर दे सकता है। मखाना उद्योग को बहुत बड़ा ब्रांड बनाया जा सकता है, क्योंकि यह पहला भारतीय ब्रांड है, जो दुनियाभर में बिकता है। व्यक्तिगत रूप से वे भी इसे खाना पसंद करते हैं। मखाना (Fox Nut) सेहत के लिए भी काफी लाभकारी है। इसमें कौन-कौन से तत्व हैं, जो शरीर के लिए लाभकारी हैं, इसका उल्लेख भी उन्होंने किया था?
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यही नहीं, मखाना उत्पादक किसानों को खेती में किन-किन दिक्कतों को सामना करना पड़ता है, इसके बारे में भी उन्होंने बताया था? उन्होंने कहा था कि मखाना बहुत ज्यादा उत्पादन देने वाली फसल नहीं है। इसके बीज इकट्ठे करने के लिए कांटेदार पत्तियों और कीचड़ से सने तालाबों में खोज करनी पड़ती है। इसके बाद बीजों को आंच पर सुखाकर हाथ से ही फोड़ना होता है। इसमें किसान की काफी मेहनत लगती है। इसके बाद बहुत फसल बर्बाद हो जाती है। 2 फीसदी बीज ही निर्यात की गुणवत्ताओं को पूरा कर पाते हैं। 40 फीसदी बीज खाने लायक बचते हैं। मखाना बिहार का पारंपरिक उद्योग है। अब इसका विस्तार असम, मणिपुर, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों में हो रहा है।
कृषि उत्पादकता में करेंगे सुधार
वहीं, बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मखाना जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों की बढ़ती डिमांड पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की आय के साथ अब फसलों की खपत भी बढ़ रही है। इस उद्योग के विस्तार से किसानों की आमदनी में और इजाफा होगा। बिहार में मखाना बोर्ड के गठन से किसानों को लाभ मिलेगा। बोर्ड किसानों को ट्रेंड करेगा, उनको हर प्रकार की मदद दी जाएगी। सीतारमण ने कहा कि उच्च गुणवत्ता वाले बीजों के लिए राष्ट्रीय मिशन की भी स्थापना की जाएगी, जिसका उद्देश्य भारत में कृषि उत्पादकता में सुधार करना होगा।
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