Delhi Assembly Elections 2025 : दिल्ली में एक तरफ विधानसभा चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हैं तो दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी को तगड़ा झटका लगा। एक साथ 7 विधायकों ने पार्टी छोड़ दी। इन विधायकों को दिल्ली चुनाव में आप से टिकट नहीं मिला था। हो सकता है कि टिकट नहीं मिलने की वजह से विधायकों ने आप से इस्तीफा दे दिया।
दिल्ली के सात विधायकों ने आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया। इस्तीफा देने वालों में आम आदमी पार्टी के त्रिलोकपुरी से विधायक रोहित मेहरौलिया, कस्तूरबा नगर से विधायक मदन लाल, जनकपुरी से विधायक राजेश ऋषि, पालम से विधायक भावना गौड़, आदर्श नगर से पवन शर्मा, बिजवासन से विधायक बीएस जून और महरौली से विधायक नरेश यादव शामिल हैं।
विधायकों ने अरविंद केजरीवाल को भेजा अपना इस्तीफा
आप छोड़ने वाले विधायकों ने दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को अपना त्यागपत्र भेजा। उन्होंने पत्र में पार्टी छोड़ने का कारण बताया और कहा कि जिस विचारधारा पर आम आदमी पार्टी का गठन हुआ था, अब पार्टी पूरी तरह से उस विचारधारा से भटक गई है। पार्टी की यह दुर्दशा देखकर मन दुखी होता है।
जानें क्या बोले विधायक रोहित मेहरौलिया?
त्रिलोकपुरी के विधायक रोहित मेहरौलिया ने कहा कि वह अन्ना आंदोलन के समय अपनी 15 साल पुरानी नौकरी छोड़कर यह सोचकर जुड़ा था कि हजारों सालों से छुआछूत, भेदभाव और शोषण का दंश झेलते आ रहे समाज को आम आदमी पार्टी शायद बराबरी का दर्जा व सामाजिक न्याय दिलाकर बाबा साहेब के सपनों को सकार करेगी। अरविंद केजरीवाल ने मंचों से कई बार कहा कि सत्ता में आएंगे तो दलित और वाल्मीकि समाज के लोगों को आगे बढ़ाने का काम करेंगे, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करेंगे और ठेकेदारी प्रथा को बंद करेंगे। दिल्ली में तीन बार आम आदमी पार्टी की सरकार बनी। इसके बावजूद न तो ठेकेदारी प्रथा बंद हुई और न ही कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया गया।
विधायक राजेश ऋषि ने आप पर लगाया बड़ा आरोप
जनकपुरी के विधायक राजेश ऋषि ने कहा कि अन्ना आंदोलन से जन्मी भ्रष्टाचार मुक्त दिल्ली बनाने के लिए अरविंद केजरीवाल द्वारा बनाई गई आम आदमी पार्टी जो अब भ्रष्टाचार युक्त पार्टी बन गई है, जिसकी वजह से बड़े दुखी मन के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया।