द‍िवाली और त्योहारों का सीजन नजदीक आते ही हर घर में मिठाइयों की तैयारी शुरू हो जाती है. ऐसे में चीनी की कीमतें (Sugar Prices) आम जनता के बजट को सीधे प्रभावित करती हैं. अच्छी खबर यह है कि सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदमों के बाद देशभर में चीनी की औसत खुदरा कीमत लगातार चौथे दिन 60 रुपये प्रति किलोग्राम से नीचे बनी हुई है.

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को देशभर में चीनी का औसत खुदरा भाव 59.57 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया. हालांकि, त्योहारों की वजह से मांग बढ़ रही है, जिससे कहीं-कहीं कीमतों पर थोड़ा दबाव जरूर दिख रहा है.

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आइए जानते हैं कि आपके राज्य में चीनी सस्ती हुई है या महंगी

प्रमुख राज्यों में चीनी के ताजा भाव
सरकार के आयात (Import) की अनुमति देने और स्टॉक लिमिट सख्त करने के फैसले के बाद कई बड़े राज्यों में चीनी के दामों में नरमी आई है:

Sugar Price News: त्योहारों से पहले बड़ा फैसला! अब नहीं बढ़ेंगे चीनी के दाम, सरकार ने 7 दिन में चीनी बेचने का दिया सख्त आदेश

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उत्तर प्रदेश: यूपी में चीनी की कीमत घटकर 57.88 रुपये प्रति किलो पर आ गई है (पहले 59.64 रुपये).

महाराष्ट्र: चीनी के इस प्रमुख उत्पादक राज्य में दाम घटकर 58.22 रुपये प्रति किलो रह गए हैं.

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मध्य प्रदेश: एमपी में ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है, जहां चीनी 62.36 रुपये से घटकर 56.57 रुपये प्रति किलो पर आ गई है.

पश्‍च‍िम बंगाल: यहां कीमत मामूली घटकर 60.43 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई.

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दक्षिण भारत (आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल): दक्षिणी राज्यों में आंध्र प्रदेश में औसतन भाव 55.56 रुपये और केरल में 57.80 रुपये प्रति किलो के करीब चल रहा है.

बता दें क‍ि देश में सोमवार को चीनी की सबसे कम कीमत 40 रुपये/किलो और अधिकतम खुदरा कीमत 85 रुपये/किलो तक दर्ज की गई.

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कीमतें नियंत्रित करने के लिए सरकार के कदम
21 अगस्त को केंद्र सरकार ने चीनी की बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए कई कड़े कदम उठाए थे. बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए पहली बार चीनी के आयात की मंजूरी दी गई. थोक व्यापारियों और डीलरों के लिए चीनी जमा करने की सीमा तय कर दी गई ताकि कोई जमाखोरी न कर सके. सरकार का कहना है कि देश में मांग पूरी करने के लिए चीनी का पर्याप्त भंडार मौजूद है.

भले ही इस फाइनेंश‍ियल ईयर (2025-26) के लिए चीनी उत्पादन का अनुमान घटाकर 306 लाख टन किया गया है, लेकिन भारत की सालाना घरेलू मांग 280-285 लाख टन ही है. यानी देश में जरूरत से ज्यादा चीनी उपलब्ध है, इसलिए त्योहारों पर चीनी की भारी किल्लत या बेतहाशा दाम बढ़ने की आशंका कम ही है.