Stock Market: सोमवार की सुबह भारतीय शेयर बाजार के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रही। जैसे ही बाजार खुला, दलाल स्ट्रीट पर 'लाल निशान' का कब्जा हो गया। हफ्ते के पहले ही दिन सेंसेक्स और निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गए। आलम यह रहा कि निवेशकों के अरबों रुपये कुछ ही मिनटों में स्वाहा हो गए। सेंसेक्स (Sensex) करीब 1388 अंक (1.8%) की भारी गिरावट के साथ 76,161 के स्तर पर खुला। देखते ही देखते यह गिरावट 1,600 अंकों तक पहुंच गई। वहीं निफ्टी (Nifty) 418 अंक टूटकर 23,632 पर आ गया।
आइए समझते हैं कि आखिर बाजार में यह कत्लेआम क्यों मचा है और इसके पीछे के विलेन कौन हैं:
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क्यों मची है ये भगदड़?
पीस टॉक फेल और ट्रंप का कड़ा तेवर
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान (इस्लामाबाद) में चल रही शांति वार्ता बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। आग में घी डालने का काम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान ने किया, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना अब खुद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की घेराबंदी करेगी। इस तनाव ने युद्ध की आहट दे दी है, जिससे ग्लोबल मार्केट सहम गया है।
$102 के पार कच्चा तेल, पेट्रोल-डीजल पर खतरा
जैसे ही ट्रंप ने होर्मुज में जहाजों को रोकने की बात कही, कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों में 7% की जबरदस्त आग लग गई। तेल अब $102 प्रति बैरल के पार निकल गया है। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने का मतलब है—महंगाई बढ़ना और कंपनियों का मुनाफा घटना।
बैंक शेयरों में हड़कंप
बाजार को गिराने में सबसे बड़ा हाथ बैंकिंग सेक्टर का रहा। एचडीएफसी, आईसीआईसीआई और एसबीआई जैसे दिग्गज शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। बैंक निफ़्टी 2% से ज्यादा टूट गया, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगा गया।
बाजार के जानकारों का कहना है कि जब तक खाड़ी देशों (Middle East) में तनाव कम नहीं होता, बाजार में ऐसी ही अफरा-तफरी बनी रह सकती है। ऐसे माहौल में जल्दबाजी में कोई फैसला न लें और अपनी नजरें ग्लोबल अपडेट्स पर रखें।