हफ्ते के कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत काफी सुस्त और कमजोर रही. कमजोर ग्लोबल संकेतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच घरेलू बाजार में सुबह से ही दबाव देखा जा रहा है.
आज सुबह बेल बजते ही सेंसेक्स 177.83 अंक (0.24%) फिसलकर 72,460.87 के स्तर पर खुला. वहीं निफ्टी भी दबाव नहीं झेल पाया और 62.25 अंक (0.28%) की गिरावट के साथ 22,540.80 पर कारोबार शुरू हुआ. सुबह 10 बजे के आसपास बिकवाली और तेज हो गई, जिससे सेंसेक्स में 373 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली.
क्यों टूटा शेयर बाजार? ये हैं गिरावट की 3 प्रमुख वजहें
बाजार में चौतरफा बिकवाली देखने को मिल रही है और एडवांस-डिक्लाइन रेशियो भी काफी कमजोर है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक बाजार के मूड बिगड़ने के पीछे ये 3 मुख्य कारण हैं:
- क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) में अचानक उछाल: मिडल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हमलों के कारण तेल सप्लाई का संकट बढ़ गया है. इस वजह से ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड उछलकर $102 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. भारत बड़े पैमाने पर कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए क्रूड में तेजी सीधा बाजार पर दबाव बनाती है.
- FIIs (विदेशी निवेशकों) की भारी बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार भारतीय बाजार से पैसे निकाल रहे हैं. पिछले 9 दिनों से लगातार हो रही इस बिकवाली के तहत बुधवार 8 अक्टूबर को FIIs ने 6,121.37 करोड़ रुपये के शेयर बेच डाले, जिससे निवेशकों का सेंटिमेंट बिगड़ा है.
- वीकली एक्सपायरी का वोलैटिलिटी प्रेशर: आज सेंसेक्स के फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी है. एक्सपायरी वाले दिन ट्रेडर्स अपनी पुरानी पोजीशन क्लोज या रोलओवर करते हैं, जिससे मार्केट में तेज उतार-चढ़ाव (Volatility) देखने को मिलता है.
IT शेयरों ने संभाला मोर्चा:
बाजार की इस चौतरफा सुस्ती के बीच आईटी (IT) सेक्टर एक मजबूत ढाल बनकर उभरा है. टेक कंपनियों में सुबह से ही अच्छी खरीदारी देखने को मिली. टाटा ग्रुप की दिग्गज कंपनी TCS के दूसरी तिमाही (Q2) के वित्तीय नतीजे आज जारी होने वाले हैं. नतीजों से ठीक पहले TCS के शेयरों में 2.5 फीसदी की तगड़ी उछाल दर्ज की गई.
TCS के अलावा HCL Tech, Tech Mahindra, Infosys जैसी दिग्गज आईटी कंपनियों और हेल्थकेयर सेक्टर से Sun Pharma के शेयरों में मजबूती देखी गई. इसके अलावा Trent और BSE Limited के शेयरों ने भी निवेशकों को राहत दी.
कौन से शेयर सबसे ज्यादा टूटे?
दूसरी तरफ, क्रूड में तेजी और बिकवाली के चलते कई बड़े शेयरों को झटका लगा:
बजाज ट्विन्स (Bajaj Twins): बजाज फाइनेंस पर सबसे ज्यादा बिकवाली का दबाव दिखा.
इंडिगो (InterGlobe Aviation): क्रूड ऑयल महंगा होने से एविएशन सेक्टर पर सीधा असर पड़ा, जिससे इंडिगो का शेयर फिसल गया.
अन्य नुकसान वाले शेयर: SBI Life Insurance, श्रीराम फाइनेंस और मैक्स हेल्थकेयर के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई.
व्यापक बाजार में अनिश्चितता और FIIs की बिकवाली को देखते हुए छोटे व रिटेल निवेशक फिलहाल नए सौदे (Fresh Trading) करने से बच रहे हैं. जब तक क्रूड ऑयल के दाम स्थिर नहीं होते और FIIs की बिकवाली नहीं थमती, तब तक बाजार में ऐसा ही उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.