दुनिया भर के शेयर बाजारों में मचा हाहाकार, पर भारतीय बाजार में आई तेजी; जानिए क्यों अलग चल रहा है भारत का बाजार

Sensex Nifty Rise Today: US टेक शेयरों में 5.6% की गिरावट और एशियाई बाजारों में मंदी के बावजूद सेंसेक्स 500 से ज्‍यादा अंक उछला. FII की खरीदारी और Nifty IT में तेजी की वजह से भारतीय बाजार क्यों मजबूत है, पूरी ड‍िटेल यहां पढ़ें.

Stock Market Live Today

दुनिया भर के बाजारों में ग‍िरावट देखने को म‍िल रही है. फिर भी सेंसेक्स 500 अंक चढ़ा, निफ्टी 24,600 के पार हो गया है. (फोटो - पीटीआई)

6 नवंबर 2026 को दुनिया भर के शेयर बाजारों में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. अमेरिका के वॉल स्ट्रीट से लेकर एशिया के प्रमुख बाजारों तक टेक और एआई (AI) शेयरों में भारी गिरावट के चलते चौतरफा बिकवाली की आंधी आई हुई है. लेकिन इस भीषण गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) ने पूरी तरह से अलग राह पकड़ ली है और हरे निशान में मजबूती से कारोबार कर रहा है. सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 500 से अधिक अंकों की छलांग लगाकर 79,833 के स्तर तक पहुंच गया, वहीं निफ्टी भी 100 से ज्यादा अंक चढ़कर 24,600 का स्तर पार कर गया.

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जब पूरी दुनिया के बाजार टूट रहे हैं, तो भारतीय शेयर बाजार में यह तूफानी तेजी क्यों आ रही है? जान‍िये इसके पीछे का पूरा गणित क्‍या है.

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दुनिया भर के बाजारों में क्यों मचा हाहाकार?

अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के नतीजों के बाद टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई है. टेक शेयरों के सूचकांक नैस्डैक (Nasdaq) में 5.52% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले 19 महीनों की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट है. वहीं S&P 500 इंडेक्स भी 4.36% टूट गया. Nvidia, Tesla और SpaceX जैसी दिग्गजों के मार्केट कैप में एक ही दिन में सैकड़ों अरब डॉलर का नुकसान हुआ. S&P 500 की कंपनियों की बाजार पूंजी में कुल मिलाकर करीब $3 ट्रिलियन (3 लाख करोड़ डॉलर) का नुकसान हुआ.

दक्षिण कोरिया के कोस्पी (Kospi) और जापान के निक्केई (Nikkei 225) में 5% से 8% से ज्यादा की भारी गिरावट देखी गई. सैमसंग, एसके हायनिक्स और सॉफ्टबैंक जैसे बड़े शेयरों में भारी बिकवाली हुई. दरअसल, अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत के बाद यह चिंता बढ़ गई है कि नई सरकार विशाल डेटा सेंटर्स (Data Centres) और एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर सख्त नियम लागू कर सकती है. इस डर में बाजार ग‍िर गए.

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आखिर भारत पर क्यों नहीं हुआ इसका बुरा असर?
दुनिया भर में फैली इस मंदी की लहर का भारत पर सबसे कम असर क्यों पड़ रहा है, इसके 3 प्रमुख कारण हैं:

  1. AI मंदी से भारतीय IT कंपनियों को फायदा
    बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका में एआई ट्रेड्स (AI Trades) और डेटा सेंटर्स पर संभावित सख्ती का असर ग्लोबल टेक दिग्गजों पर भले पड़े, लेकिन भारतीय आईटी सेक्टर (Nifty IT Index) के लिए यह फायदेमंद साबित हो रहा है. निफ्टी आईटी इंडेक्स 1% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है.
  2. विदेशी निवेशकों (FIIs) की रिकॉर्ड खरीदारी
    जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने पिछले 5 कारोबारी सत्रों में 35,781 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर खरीदे हैं. FIIs की लगातार लिवाली भारतीय बाजार को वैश्विक झटकों से बचा रही है.
  3. मजबूत घरेलू फंडामेंटल्स
    घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) द्वारा समय-समय पर मुनाफावसूली (Profit-booking) के बावजूद, भारतीय अर्थव्यवस्था और घरेलू निवेशकों का भरोसा बाजार को मजबूती प्रदान कर रहा है.

आज के कारोबार की स्थिति
सेंसेक्स (Sensex): 523.66 अंक (0.66%) बढ़कर 79,833.67
निफ्टी (Nifty 50): 101.60 अंक (0.41%) बढ़कर 24,638.20
शेयरों की चाल: लगभग 1,165 शेयर बढ़त के साथ, 2,201 शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं.

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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