रूस से आने वाले कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक रूस का प्रमुख यूराल क्रूड अब रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया है और भारत को ये तेल 2022 में शुरू हुए यूक्रेन युद्ध के बाद सबसे महंगा पड़ रहा है. दरअसल, यूक्रेन पर हमले के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे. उस समय रूस ने एशियाई देशों, खासकर भारत और चीन को सस्ता तेल बेचना शुरू किया था. भारत ने भी इस मौके का फायदा उठाते हुए बड़ी मात्रा में रूसी तेल आयात किया और अपनी रिफाइनरियों के लिए इसे फायदेमंद सौदा बनाया. लेकिन अब हालात बदलते दिखाई दे रहे हैं.
ये भी पढ़ें: दुनिया को तेल की कीमतों से मिलेगी बड़ी राहत, IEA खोलने जा रहा इमरजेंसी खजाना; भारत के लिए भी आई अच्छी खबर
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची कीमत
ऊर्जा डेटा फर्म Argus Media के मुताबिक, भारत पहुंचने वाला रूसी यूराल कच्चा तेल लगभग 98.93 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है, जिसमें शिपिंग खर्च भी शामिल है. ये पिछले कई सालों में सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के पश्चिमी बंदरगाहों पर इस तेल की औसत कीमत करीब 73.73 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई, जो जुलाई 2024 के बाद सबसे ज्यादा है. ये रूस के बजट अनुमान से भी काफी ज्यादा है. तेल की कीमतों में तेजी का एक बड़ा कारण अमेरिका द्वारा दी गई अस्थायी छूट है. अमेरिका ने 30 दिनों के लिए दुनिया के देशों को समुद्र में मौजूद रूसी तेल खरीदने की इजाजत दी है ताकि वैश्विक ऊर्जा संकट को कम किया जा सके. इस फैसले के बाद भारतीय रिफाइनरियों ने तेजी दिखाते हुए लगभग 3 करोड़ बैरल रूसी कच्चा तेल खरीद लिया. बताया जा रहा है कि ये तेल पहले से टैंकरों में लदा हुआ था और खरीदार नहीं मिलने की वजह से समुद्र में पड़ा हुआ था.
मध्य-पूर्व युद्ध का भी असर
मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष की वजह से भी वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हुई है. खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास तनाव बढ़ने से तेल की आपूर्ति में रुकावट हुई और कीमतें तेजी से बढ़ने लगीं. इन हालातों ने रूस के तेल की मांग को और बढ़ा दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय बढ़ी हुई कीमतों से रूस को भारी आर्थिक फायदा हो सकता है. हालांकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि तेल की कीमतों में ये उछाल स्थायी नहीं है और कंपनियों को भविष्य को ध्यान में रखकर योजना बनानी चाहिए. कुल मिलाकर, ग्लोबल वॉर के बीच तेल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है. भारत के लिए चुनौती ये है कि वो अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करते हुए बढ़ती कीमतों के असर को कैसे संतुलित करे.
ये भी पढ़ें: जंग के बीच भारत के लिए राहत की खबर, UAE से सुरक्षित निकला इंडियन ऑयल टैंकर ‘जग लाडकी’, 80800 टन तेल से भरा
संबंधित खबरें
सब्जियों की महंगाई से बढ़ा दबाव, सितंबर में 5.54% पर पहुंचा रिटेल इंफ्लेशन
41 mins ago8वां वेतन आयोग एक्शन में, दशहरा के तुरंत बाद बुलाई बड़ी बैठक, सैलरी पर मंथन
1 hr agoगांव की जमीन का पट्टा कैसे मिलेगा? पूरा प्रोसेस आसान भाषा में
3 hrs agoभारतीय रईसों से ज्यादा कमा रहे अमीर देशों के सबसे गरीब लोग - वर्ल्ड बैंक
7 hrs ago12 से 18 अक्टूबर तक कितने दिन बंद रहेंगे बैंक? देखें पूरी लिस्ट
9 hrs ago'अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस' ने जीता SIDM चैंपियन अवार्ड 2026
1 day agoDollar के मुकाबले रुपया 96.78 पर लुढ़का, RBI ने उठाए कड़े कदम
2 days agoआखिर क्यों अटकी है कर्मचारियों की 8वें वेतन आयोग की बढ़ी हुई सैलरी? जानें
2 days agoपति की मौत के बाद पत्नी को कितनी EPFO पेंशन मिलेगी? बच्चों के लिए नियम
2 days ago16 अक्टूबर से बैंकों को रोजाना 99% CRR रखना होगा, जानें आप पर असर
2 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines