अगर आप भी सोने में निवेश के शौकीन हैं और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) में पैसा लगाया है, तो आपके लिए RBI (भारतीय रिजर्व बैंक) ने एक बेहद जरूरी सूचना जारी की है. अगले 6 महीनों में यानी अप्रैल 2026 से सितंबर 2026 के बीच कुल 33 गोल्ड बॉन्ड सीरीज ऐसी हैं जिन्हें आप मेच्योरिटी से पहले भुना (Redeem) सकते हैं. बता दें कि सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड की मेच्योरिटी वैसे तो 8 साल की होती है, लेकिन RBI निवेशकों को 5 साल पूरे होने के बाद समय से पहले पैसा निकालने (Premature Redemption) का विकल्प देता है. RBI ने हाल ही में वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही के लिए रिडेम्पशन कैलेंडर जारी किया है.
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रिडेम्पशन का हिसाब (April - Sept 2026)
RBI के नए कैलेंडर के अनुसार, अलग-अलग महीनों में रिडेम्पशन की खिड़की (Window) खुलेगी:
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कौन-कौन सी सीरीज हैं शामिल?
इसमें मुख्य रूप से 2018-19, 2019-20, 2020-21 और 2021-22 के दौरान जारी किए गए बॉन्ड्स शामिल हैं. उदाहरण के लिए सबसे पहले 2018-19 Series II को 23 अप्रैल 2026 को भुनाया जा सकेगा. इसके लिए आवेदन करने की खिड़की 23 मार्च 2026 से 13 अप्रैल 2026 तक खुली रहेगी.
पैसे निकालने के लिए क्या करना होगा?
विंडो ट्रैक करें: अपनी बॉन्ड सीरीज की रिडेम्पशन डेट से कम से कम 10-15 दिन पहले आवेदन की खिड़की खुलती है.
आवेदन कहां करें: अगर आपने बैंक, पोस्ट ऑफिस या स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन से बॉन्ड खरीदे हैं, तो वहां जाकर आवेदन करना होगा. अगर बॉन्ड डीमैट (Demat) फॉर्म में हैं, तो आप अपने ब्रोकर के जरिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं.
कीमत कैसे तय होगी: रिडेम्पशन की कीमत रिडेम्पशन की तारीख से पिछले 3 कार्य दिवसों के सोने के औसत भाव (IBJA रेट्स) के आधार पर तय की जाएगी.
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क्या आपको पैसा निकालना चाहिए?
बंपर रिटर्न: जिन लोगों ने 2018 या 2019 में करीब 3200 से 3500 रुपये के भाव पर सोना खरीदा था, उनके लिए आज ₹1.60 लाख (प्रति 10 ग्राम) के आसपास का भाव मिलना जबरदस्त मुनाफे का सौदा हो सकता है.
टैक्स बेनिफिट: ध्यान रहे, 5 साल बाद समय से पहले पैसा निकालने पर आपको कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ सकता है. अगर आप पूरे 8 साल (मेच्योरिटी) तक रुकते हैं, तो प्रॉफिट पूरी तरह टैक्स-फ्री होता है.