बच्चों की अच्छी पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। इसी समस्या का समाधान निकालने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक बेहद शानदार और खास बचत योजना (Saving Scheme) शुरू करने पर विचार कर रहा है।
इस योजना के तहत बच्चों की स्कूल की पढ़ाई और शिक्षा से जुड़े खर्चों के लिए एक विशेष बैंक खाता खोला जाएगा, जिसमें आम खातों के मुकाबले ज्यादा ब्याज (Higher Interest Rate) मिलेगा। इस स्कीम का मुख्य मकसद यह है कि हर परिवार अपने बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए समय रहते एक बड़ा और मजबूत फंड तैयार कर सके। इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए RBI ने सभी बैंकों से उनकी राय मांगी है।
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इंडस्ट्री में चर्चा तेज, जल्द सौंपी जाएगी रिपोर्ट
नवभारत टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार इस मामले की सीधी जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि रिजर्व बैंक का प्रस्ताव मिलने के बाद अब सभी बैंक आपस में इस पर मंथन कर रहे हैं। एक सरकारी (PSU) बैंक के बड़े अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि RBI से मिले इस सुझाव पर वे प्राइवेट बैंकों समेत पूरी बैंकिंग इंडस्ट्री के साथ बातचीत कर रहे हैं। सभी पहलुओं को देखने के बाद बैंक जल्द ही अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें RBI को सौंपेंगे।
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एक अन्य बैंक अधिकारी के मुताबिक, किसी खास काम (जैसे शिक्षा) के लिए ज्यादा ब्याज देने वाला खाता शुरू करने के लिए बैंकिंग नियमों में बदलाव करना होगा। इसके लिए नए रेगुलेशंस की जरूरत पड़ेगी, जिन्हें सिर्फ RBI ही बना सकता है। बैंक इस चर्चा में अपनी तकनीकी और व्यावहारिक चुनौतियों को भी सामने रखेंगे।
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क्यों जरूरी है यह खास स्कीम?
एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में पढ़ाई-लिखाई का खर्च हर साल 10% से 12% की भारी रफ्तार से बढ़ रहा है। ऐसे में आम सेविंग्स अकाउंट में मिलने वाला ब्याज इस महंगाई को मात देने में नाकाफी साबित हो रहा है। RBI एक ऐसा सुरक्षित और ज्यादा रिटर्न देने वाला विकल्प देना चाहता है, जिससे मध्यमवर्गीय परिवारों पर बच्चों की फीस और अन्य खर्चों का बोझ अचानक न पड़े। बैंकों की रिपोर्ट मिलने के बाद ही RBI इस योजना के अंतिम स्वरूप और इसके नियमों की घोषणा करेगा।